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Gyanvapi Masjid Case: कब, क्यों और कैसे अदालत पहुंचा ज्ञानवापी मस्जिद का मामला? इतिहास के पन्नों को पलट कर समझें सभी तथ्य

Gyanvapi Masjid Case: ये मुकदमा राखी सिंह और अन्य की तरफ से दायर मुकदमे से अलग है। उन्होंने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की बाहरी दीवार पर स्थित मां श्रृंगार गौरी स्थल पर पूजा करने का अधिकार मांगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने 18 दिसंबर को राखी सिंह मामले से जुड़ी 1,500 पन्नों की रिपोर्ट वाराणसी जिला अदालत को सौंपी

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 20, 2023 पर 5:23 PM
Gyanvapi Masjid Case: कब, क्यों और कैसे अदालत पहुंचा ज्ञानवापी मस्जिद का मामला? इतिहास के पन्नों को पलट कर समझें सभी तथ्य
Gyanvapi Masjid Case: कब, क्यों और कैसे अदालत पहुंचा ज्ञानवापी मस्जिद का मामला, इतिहास के पन्नों को पलट कर समझें सभी तथ्य

Gyanvapi Masjid Case: ज्ञानवापी मामले (Gyanvapi Case) में एक महत्वपूर्ण फैसले में, इस हफ्ते इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने मुस्लिम पक्ष की सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। मस्जिट समिति ने अपनी याचिकाओं में मस्जिद स्थल पर एक मंदिर की बहाली की मांग करने वाले सिविल मुकदमों को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने वाराणसी अदालत को 1991 में दायर इन दीवानी मुकदमों में से एक की सुनवाई छह महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया।

ये मुकदमा राखी सिंह और अन्य की तरफ से दायर मुकदमे से अलग है। उन्होंने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की बाहरी दीवार पर स्थित मां श्रृंगार गौरी स्थल पर पूजा करने का अधिकार मांगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने 18 दिसंबर को राखी सिंह मामले से जुड़ी 1,500 पन्नों की रिपोर्ट वाराणसी जिला अदालत को सौंपी।

मामले से जुड़े प्रमुख तथ्यों पर डालें एक नजर:

- ये मामला वाराणसी में प्रतिष्ठित काशी विश्वनाथ मंदिर के बगल में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़ा है। हाई कोर्ट ज्ञानवापी मस्जिद समिति की तीन और उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। इनमें से तीन याचिकाओं में 1991 में वाराणसी अदालत के सामने दायर एक मुकदमे की स्थिरता को चुनौती दी गई थी।

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