'भगदड़ के पीछे असामाजिक तत्वों का हाथ' हाथरस कांड पर पहली बार आया 'भोले बाबा' का बयान, वकील एपी सिंह करेंगे पैरवी

Hathras Stampede: भोले बाबा ने दावा किया कि भगदड़ को 'असामाजिक' तत्वों ने अंजाम दिया था। उन्होंने ये भी कहा कि घटना होने से पहले ही वह वहां से चले गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'भोले बाबा' की पैरवी वकील एपी सिंह कर रहे हैं। वो वही वकील हैं, जिन्होंने निर्भया मामले के चार दोषियों का प्रतिनिधित्व किया था, जिन्हें मौत की सजा दी गई थी

अपडेटेड Jul 03, 2024 पर 8:54 PM
Story continues below Advertisement
'भगदड़ के पीछे असामाजिक तत्वों का हाथ' हाथरस कांड पर पहली बार आया 'भोले बाबा' का बयान

'भोले बाबा' उर्फ ​​नारायण साकार हरि उर्फ ​​सूरज पाल ने बुधवार को पहली बार अपने 'सत्संग' के दौरान मची भगदड़ पर प्रतिक्रिया दी। इस हादसे में मंगलवार को 121 लोगों की जान चली गई और कई घायल हो गए। भोले बाबा ने अपने वकील के जरिए मृतकों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने दावा किया कि भगदड़ को 'असामाजिक' तत्वों ने अंजाम दिया था। उन्होंने ये भी कहा कि घटना होने से पहले ही वह वहां से चले गए थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'भोले बाबा' की पैरवी वकील एपी सिंह कर रहे हैं। वो वही वकील हैं, जिन्होंने निर्भया मामले के चार दोषियों का प्रतिनिधित्व किया था, जिन्हें मौत की सजा दी गई थी।

बाबा के वकील ने क्या कहा?


भोले बाबा की ओर से उनके वकील एपी सिंह ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पीड़ितों को किसी भी संसाधन की कमी न हो, चाहे वो दवा हो, स्वास्थ्य सेवा हो या इलाज हो। हम इन आरोपों की निंदा करते हैं कि जब महिलाएं उनके पैर छूने की कोशिश कर रही थीं तो भगदड़ मच गई। वो कभी भी इस तरह की हरकत की इजाजत नहीं देते।"

सिंह ने कहा कि भोले बाबा उर्फ ​​नारायण साकार हरि जांच में हरसंभव सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं कानूनी तौर पर उन सभी का पक्ष रखूंगा, जिनका नाम FIR में है। हमारा मानना ​​है कि यह सब कुछ असामाजिक तत्वों की तरफ से किया गया था।”

बाबा के आश्रमों और जमीनों की जांच शुरू

सूत्रों ने बताया कि भोले बाबा के सभी आश्रमों और जमीनों की जांच शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश के आगरा में गुरुवार को होने वाला भोले बाबा का एक और 'सत्संग' रद्द कर दिया गया है।

इससे पहले दिन में, पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ एक FIR दर्ज की थी, जिसमें उन पर सबूत छिपाने और शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था, जिसमें 2.5 लाख लोगों को एक कार्यक्रम स्थल पर ठूंस दिया गया था, जिसमें केवल 80,000 लोगों को अनुमति दी गई थी।

CM योगा का अखिलेश पर निशाना

वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी का नाम लिए कहा, "कुछ लोगों की प्रवृत्ति ऐसी दुखद और दर्दनाक घटनाओं का राजनीतिकरण करने की होती है।"

उन्होंने कहा, “इन लोगों का स्वभाव ‘चोरी भी और सीनाजोरी भी’ वाला है। हर कोई जानता है कि सज्जन (उपदेशक) की तस्वीरें किसके साथ हैं और उनके राजनीतिक संबंध किससे हैं। आपने देखा होगा कि पिछले दिनों रैलियों के दौरान कहां भगदड़ मची और इसके पीछे कौन था? इसके बारे में जानना हमारे लिए जरूरी है। निर्दोष लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा।”

Hathras News: हाथरस में भगदड़ के दौरान दम घुटने से हुई ज्यादा लोगों की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आईं कई बातें

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।