सूरज पाल उर्फ 'नारायण साकार हरि' उर्फ 'भोले बाबा'.. जिनके सत्संग में मची भगदड़ 121 लोगों की जान ले गई। ये स्वयंभू धर्मगुरु खुद दावा करता है कि वो पहले यूपी पुलिस में था, उसने इंटेलिजेंस यूनिट में काम किया है और नौकरी के दौरान उसे ईश्वर के दर्शन हुए, तो 1990 में नौकरी छोड़ आध्यत्म का रास्ता अपना लिया है। हालांकि, अब उसके दावे और हकीकत दोनों ही चर्चाओं में हैं। ऐसा बताया जाता है कि बाबा के कमरे में केवल सुंदर लड़कियों को ही जाने की मंजूरी थी। इसी बाबा पर गांव में जमीनों पर कब्जा कर उन पर आश्रम बनाने का भी आरोप है। इससे भी चौंकाने वाली बात ये है कि 'भोले बाबा' 23 साल पहले गिरफ्तार भी हो चुके हैं, क्योंकि उन्होंने एक मर चुकी लड़की को जिंदा करने का दावा किया।
India Today ने साल 2000 की एक FIR के हवाले से बताया कि 23 साल पहले नारायण साकार हरि को आगरा में गिरफ्तार किया गया था। उसने ये दावा किया था कि उसके पास अपनी गोद ली हुई बेटी को जिंदा करने की जादुई शक्तियां हैं।
अपनी ही बेटी को जिंदा करने का दावा!
FIR की डिटेल से पता चलता है कि सूरज पाल पर साल 2000 में ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954 के तहत आरोप लगाया गया था, जब वो आगरा में रहते थे। इसका खुलासा तब हुआ, जब श्मशान घाट पर उनके ही कई अनुयायियों ने हंगामा कर दिया, जिसके बाद उन्हें छह और लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था।
रिपोर्ट में एक प्रत्यक्षदर्शी पंकज के हवाले से बताया गया कि सूरज पाल की कोई संतान नहीं थी, इसलिए उसने अपनी भतीजी को गोद लिया था, जो कैंसर से बीमार थी। एक दिन, लड़की बेहोश हो गई और पाल के अनुयायियों ने दावा किया कि वो चमत्कार से बच्चे को ठीक कर देगा। कुछ देर बाद लड़की को होश आ गया, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
उस लड़की के शव को मल्ला का चबूतरा श्मशान घाट ले जाया गया, लेकिन पाल के अनुयायी इस बात पर अड़े थे कि वो आएंगे और लड़की को फिर से जिंदा करेंगे। उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लाठीचार्ज करना पड़ा।
सूरज पाल और उनके छह अनुयायियों को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, सबूतों के अभाव में कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया।
बाबा के कमरे में सिर्फ लड़कियों की एंट्री?
NDTV ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि नारायण साकार हरि पर ये भी आरोप लगते रहे हैं कि उसके आश्रम में खूबसूरत लड़कियां रहती हैं।
इसमें कहा गया, "इनके कमरे में लड़कियों के अलावा सिर्फ कुछ खास लोगों की ही एंट्री होती है। बाकी लोगों को भोले बाबा के कमरे के अंदर जाने की इजाजत नहीं है। किसी भी बाहर के आदमी को तो उनके कमरे में जाने की बिल्कुल भी मंजूरी नहीं है।"
कहां छिपा है 'भोले बाबा'?
हाथरस भगदड़ कांड (Hathras Stampede) के बाद से बाबा फरार है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि बाबा भोलेनाथ मैनपुरी के अपने आश्रम के अंदर हैं। उनकी सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
भगदड़ कांड के बाद मैनपुरी के बिछवां कस्बे में भोले बाबा के आश्रम के बाहर कड़ा सुरक्षा घेरा बनाया गया है। आश्रम के बाहर कई थानों की पुलिस मौजूद है और आश्रम के अंदर मीडिया सहित किसी को भी दाखिल होने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि हाथरस में भगदड़ कांड के बाद से बिछवां स्थित विश्व हरि बाबा भोलेनाथ के आश्रम में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है। इस सवाल पर कि क्या बाबा आश्रम में मौजूद हैं, सिंह ने कोई जवाब नहीं दिया।