Himachal Rain: हिमाचल में कुदरत का तांडव! बारिश और भूस्खलन से 71 लोगों की मौत, राज्य को 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान

हिमाचल प्रदेश में रविवार से हो रही भारी बारिश के कारण शिमला के समर हिल, कृष्णा नगर और फागली इलाकों में भूस्खलन हुए थे। प्रमुख सचिव (राजस्व) ओंकार चंद शर्मा ने बताया कि पिछले तीन दिनों में कम से कम 71 लोगों की मौत हो चुकी है।

अपडेटेड Aug 17, 2023 पर 12:35 PM
Story continues below Advertisement
Himachal Rain Fury: कृष्णा नगर में करीब 15 मकानों को खाली कराया गया और परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है

Himachal Rain Fury: हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण पिछले तीन दिनों में कम से कम 71 लोगों की जान जा चुकी है। कुछ लोग अभी भी लापता हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के काम को पहाड़ जैसी चुनौती करार दिया है। हिमाचल प्रदेश के शिमला में समर हिल के समीप शिव मंदिर के मलबे से एक और महिला का शव बरामद होने के साथ ही बारिश से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले 57 लोगों के शव अब तक बरामद हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन और बाढ़ के कारण ढही इमारतों के मलबे से बुधवार को और शव निकाले जाने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़ गई। इस आपदा से राज्य को करीब राज्य को 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

10,000 करोड़ रुपये का नुकसान

हिमाचल प्रदेश में रविवार से हो रही भारी बारिश के कारण शिमला के समर हिल, कृष्णा नगर और फागली इलाकों में भूस्खलन हुए थे। प्रमुख सचिव (राजस्व) ओंकार चंद शर्मा ने पीटीआई को बताया, "पिछले तीन दिनों में कम से कम 71 लोगों की मौत हो चुकी है और 13 अभी भी लापता हैं। अभी तक तक 57 शव बरामद किए जा चुके हैं।"


पीटीआई के साथ एक इंटरव्यू में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि उनके राज्य को इस मानसून में भारी बारिश के कारण बर्बाद हुए बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में एक साल लगेगा और दावा किया कि लगभग 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी चुनौती है, एक पहाड़ जैसी चुनौती।

ये भी पढ़ें- 'नेहरू जी की पहचान उनके कर्म हैं, उनका नाम नहीं', नेहरू मेमोरियल के नाम बदलने पर बोले राहुल गांधी

शिमला के उपायुक्त आदित्य नेगी ने बताया कि समर हिल और कृष्णा नगर इलाकों में बचाव अभियान चलाया जा रहा है और समर हिल से एक शव बरामद किया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक समर हिल से 13 शव, फागली से पांच और कृष्णा नगर से दो शव बरामद किए गए हैं। शिव मंदिर में सोमवार को हुए भूस्खलन के मलबे में अब भी 10 और लोगों के दबे होने की आशंका है।

15 मकानों को कराया गया खाली

कृष्णा नगर में करीब 15 मकानों को खाली कराया गया और परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। कई अन्य लोगों ने मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन की आशंका से खुद अपने घर खाली कर दिए हैं। शिक्षा विभाग ने खराब मौसम के कारण बुधवार को राज्य में सभी स्कूल तथा कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने 19 अगस्त तक शैक्षणिक गतिविधियां निलंबित कर दी हैं।

800 सड़कें बंद

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में करीब 800 सड़कें बंद हैं। 24 जून को मानसून शुरू होने के बाद से अब तक 7,200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। इससे पहले, जुलाई में मंडी, कुल्लू तथा शिमला समेत राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश से कई लोगों की मौत हो गयी थी और करोड़ों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई थी। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र से हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय आपदा की घोषणा करने तथा राहत एवं क्षतिग्रस्त ढांचों की मरम्मत के काम के लिए 2,000 करोड़ रुपये की निधि जारी करने का अनुरोध किया है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।