Rain News: हिमाचल में 80 की मौत! 40 पुल क्षतिग्रस्त और 1300 सड़कें बंद, दिल्ली में 41 हजार लोग शिफ्ट
Rainfall News: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और जगह जगह हुए भूस्खलन के बाद अधिकारियों ने राज्य में हुई तबाही का जायजा लेना शुरू कर दिया है। राज्य में बारिश के कारण हुई दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। भूस्खलन और बाढ़ के कारण लगभग 1,300 सड़कें बंद हो गईं, जबकि 40 बड़े पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के अनुसार अकेले कुल्लू के सैंज क्षेत्र में लगभग 40 दुकानें और 30 मकान बह गए
Rainfall News: हिमाचल में 80 लोगों की मौत हो चुकी है, तो वहीं 10 लोगों ने चंडीगढ़ में जान गंवाई है
Rainfall News:हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh Flood) में भारी बारिश और जगह जगह हुए भूस्खलन के बाद अधिकारियों ने मंगलवार को राज्य में हुई तबाही का जायजा लेना शुरू कर दिया है। राज्य में बारिश के कारण हुई दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। भूस्खलन और बाढ़ के कारण लगभग 1,300 सड़कें बंद हो गईं, जबकि 40 बड़े पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के अनुसार अकेले कुल्लू के सैंज क्षेत्र में लगभग 40 दुकानें और 30 मकान बह गए। सीएम ने मंगलवार को कसोल, मणिकरण, खीर गंगा और पुलगा क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। वहीं पंजाब में कई जगह बांध टूटने की घटना सामने आई है। जबकि दिल्ली में यमुना नदी (Yamuna river in Delhi) उफान पर है।
हिमाचल में भारी तबाही
लाहौल और स्पीति जिले में चंद्रताल झील क्षेत्र में फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए भेजे गए भारतीय वायु सेना के एक हेलीकॉप्टर को खराब मौसम के कारण वापस लौटना पड़ा। हालांकि, मंगलवार को थोड़ी बारिश हुई, जिससे अधिकारियों को क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली में तेजी लाने में मदद मिली।
आज बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने और सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करने के लिए हवाई सर्वेक्षण किया। यह सर्वेक्षण अधिक प्रभावित क्षेत्रों के लिए प्रभावी राहत उपाय तैयार करने और संसाधनों को तैनात करने में सहायता करेगा l इस सर्वेक्षण का उद्देश्य प्रभावित समुदायों को समय पर… pic.twitter.com/glGhDp1boX
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) July 11, 2023
अधिकारियों ने कहा कि शिमला-कालका हाईवे को एकतरफा यातायात के लिए आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। हालांकि, सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में वाहन फंसे हुए हैं। हाईवे पर जाबली के पास चक्की मोड़ क्षेत्र में भूस्खलन के बाद एक जगह धंसने के कारण वाहनों का आवागमन बंद हो गया था।
सभी सरकारी स्कूल 15 जुलाई तक बंद
राज्य के शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर कहा है कि सभी सरकारी स्कूल 15 जुलाई तक बंद रहेंगे। राज्य लोक सेवा आयोग ने खराब मौसम के मद्देनजर हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा को अब 20 अगस्त को आयोजित करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश से राज्य को अत्यधिक क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में एक भी पंचायत क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां सड़कें और जलापूर्ति योजनाएं क्षतिग्रस्त नहीं हुई हों।
1,050 करोड़ रुपये का नुकसान, 80 की मौत
राज्य आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र के अनुसार, 24 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से हिमाचल को 1,050 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और 80 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 10 लोग लापता हैं। राज्य आपात अभियान केंद्र के अनुसार पिछले तीन दिन से भारी बारिश के कारण शिमला-कालका और मनाली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे समेत 1,299 सड़कें बंद हो गई हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि हिमाचल रोडवेज परिवहन निगम (एचआरटीसी) के 1,284 मार्गों पर बस सेवाएं निलंबित हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 79 मकान पूरी तरह से, जबकि 333 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कुल्लू और मनाली में 2,577 ट्रांसफार्मर बंद होने के कारण कई इलाकों में बिजली गुल है। जबकि शिमला समेत कई इलाकों में जलापूर्ति भी बाधित है। राज्य की राजधानी शिमला सहित कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
मोबाइल कनेक्टिविटी पर भी असर
भूस्खलन के कारण सड़कें अवरुद्ध होने से मनाली शहर और उसके आसपास के इलाकों का संपर्क राज्य के बाकी हिस्सों से टूट गया है। मोबाइल कनेक्टिविटी पर भी असर पड़ा है। इस बीच, सिरमौर, शिमला, मंडी और किन्नौर जिलों के कुछ हिस्सों में मंगलवार को भारी से बहुत भारी बारिश हुई।
नाहन में सर्वाधिक 250 मिमी बारिश हुई, इसके बाद धौलाकुआं (138.5 मिमी), जुब्बरहट्टी (90 मिमी), कुफरी (67 मिमी), नारकंडा (65 मिमी), शिमला (64 मिमी), मशोबरा (60.5 मिमी), कल्पा (48 मिमी), रिकांग पिओ (42 मिमी), मंडी (46 मिमी) और सुंदरनगर में (45 मिमी) बारिश हुई।
दिल्ली में हजारों लोगों को किया गया शिफ्ट (Delhi Rains)
दिल्ली सरकार ने मंगलवार को बताया कि शहर में उफनती यमुना नदी के डूब क्षेत्र में रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी शिविरों में शिफ्ट कर दिया गया है। उन्हें भोजन और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि निकासी प्रक्रिया चल रही है। दिल्ली में यमुना नदी के पास निचले इलाक को संवेदनशील माना जाता है। इन इलाकों में करीब 41,000 लोग रहते हैं। फिलहाल, सभी को शिफ्ट कर दिया गया है।