Weather Forecast Updates: इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने सोमवार को कहा कि अगले 24 से 48 घंटे के दौरान बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के ऊपर बने दबाव के दक्षिण आंध्र प्रदेश (South Andhra Pradesh), उत्तरी तमिलनाडु (North Tamil Nadu) और पुडुचेरी (Puducherry) तटों की ओर बढ़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने कहा कि इस दौरान देश के कुछ दक्षिणी राज्यों में तेजी बारिश होने की आशंका है। IMD भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए मछुआरों को इस दौरान समुद्र तट पर नहीं जाने की सलाह दी है।
इन राज्यों में बारिश की चेतावनी
- मौसम विभाग ने 21 और 22 नवंबर को उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश सहित रायलसीमा में मध्यम से भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।
- इसी दौरान उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश होने की आशंका जताई गई है।
- 23 नवंबर को उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की गई है।
- 22 नवंबर की सुबह तक दक्षिण पश्चिम और उससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और श्रीलंका के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की आशंका है। उसके बाद हवा की रफ्तार धीरे-धीरे कम हो सकती है।
- 21 और 22 नवंबर को मन्नार की खाड़ी में 40-45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की आशंका है।
मौसम एजेंसी ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे 22 नवंबर तक दक्षिण पश्चिम और उससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी और आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, श्रीलंका के तटों पर न जाएं।
- अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की आशंका है और इसके बाद कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा।
- अगले 5 दिनों के दौरान पश्चिम भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है।
- अगले 3 दिनों के दौरान मध्य भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि और उसके बाद कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होने की संभावना है।
- अगले 2 दिनों के दौरान पूर्वी भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होने की संभावना है। उसके बाद 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी।