भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में उस प्रस्ताव पर हुए मतदान से दूर रहा, जिसमें मानवीय सहायता को संयुक्त राष्ट्र के सभी तरह के प्रतिबंधों के दायरों से बाहर रखने का प्रावधान किया गया है। भारत ने जोर देकर कहा कि प्रतिबंधित आतंकी संगठनों ने इस तरह की छूट का भरपूर फायदा उठाया है और उन्हें इससे वित्तीय मदद जुटाने और लड़ाकों की भर्ती करने में मदद मिली है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। बता दें कि 15 सदस्यों वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता फिलहाल भारत के पास है। परिषद में अमेरिका और आयरलैंड ने मिलकर एक प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें मानवीय सहायता को किसी भी तरह के प्रतिबंधों के दायरे से बाहर रखने का प्रावधान किया गया है। अमेरिका ने जोर देकर कहा कि अपनाए जाने के बाद यह प्रस्ताव ‘‘अनगिनत जिंदगियों को बचाएगा।’’
