Get App

अमेरिका की FIM-92 जैसी मिसाइलें खरीदेगा भारत, चीन सीमा पर होगी तैनाती, रक्षा मंत्रालय ने दी मंजूरी

चीन से सीमा-विवाद के बीच भारत सरकार ने पोर्टेबल एयर डिफेंस मिसाइलों को खरीदने का फैसला किया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन मिसाइलों को चीन सीमा पर तैनात किया जाएगा। सरकार ने पोर्टेबल मिसाइलों की खरीद को मंजूरी ऐसे समय में दी है, जब भारत-चीन के बीच हालिया सीमा-विवाद तीसरे साल में प्रवेश कर गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 11, 2023 पर 10:05 PM
अमेरिका की FIM-92 जैसी मिसाइलें खरीदेगा भारत, चीन सीमा पर होगी तैनाती, रक्षा मंत्रालय ने दी मंजूरी
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अगुआई वाली रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने तीन रक्षा सौदों को मंजूरी दी है

चीन से सीमा-विवाद के बीच भारत सरकार ने पोर्टेबल एयर डिफेंस मिसाइलों को खरीदने का फैसला किया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन मिसाइलों को चीन सीमा पर तैनात किया जाएगा। सरकार ने पोर्टेबल मिसाइलों की खरीद को मंजूरी ऐसे समय में दी है, जब भारत-चीन के बीच हालिया सीमा-विवाद तीसरे साल में प्रवेश कर गया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अगुआई वाली रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने मंगलवार देर रात को बहुत कम दूरी में वार करने वाले मिसाइलों को खरीदने को मंजूरी दे दी है। इन मिसाइलों की खासबात यह है कि इन कोई भी सैनिक आराम से उठाकर एक जगह से दूसरे जगह ले जा सकता है। पहाड़ के ऊबड़-खाबड़ इलाकों के अलावा समुद्री इलाकों में भी इन्हें तेजी से तैनात किया जा सकका है। इसीलिए इन्हें पोर्टेबल मिसाइल कहा गया है।

रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में मुताबिक, "देश की उत्तरी सीमाओं पर हाल में हुए घटनाओं को देखते हुए एक मजबूत एयर डिफेंस हथियार सिस्टम की जरूरत महसूस की गई। खासतौर से ऐसा हथियार सिस्टम, जिसे कोई इंसान भी एक जगह से उठाकर दूसरे जगह ले जा सके और कहीं भी तेजी से तैनात कर सकें। ये भारत की वायु रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगी।"

यह भी पढ़ें- Gainers & Losers: सेंसेक्स में मामूली गिरावट, आज इन 10 शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा हलचल

ये मिसाइलें कम ऊंचाई वाले हवाई खतरों को कम दूरी के रेंज में मार गिराने में सक्षम हैं। इन्हें भारतीय रिसर्च संस्थान डीआरडीओ (DRDO) ने विकसित किया है और यह अमेरिका की सतह से सतह मार कर सकने वाली FIM-92 स्टिंगर मिसाइलों के समान है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें