Get App

FY 2019-20 की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ पांच साल में सबसे कम

फिस्कल ईयर 2019-20 की जून तिमाही में भारत की GDP ग्रोथ सिर्फ 5% रही

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 01, 2019 पर 3:33 PM
FY 2019-20 की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ पांच साल में सबसे कम

भारत की GDP ग्रोथ फिस्कल ईयर 2019-20 की जून तिमाही में 5 फीसदी रही। यह पिछले 5 साल का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले मार्च तिमाही में भारत की GDP ग्रोथ 5.8 फीसदी थी। जून तिमाही में GDP की ग्रोथ विश्लेषकों के अनुमान से कम रहा है। विश्लेषकों जून तिमाही में GDP की ग्रोथ रेट 5.7 फीसदी रहने का अनुमान जता रहे थे।

GDP की कमजोर ग्रोथ को देखते हुए मुमकिन है कि सरकार से राहत पैकेज की मांग बढ़ सकती है। इससे यह संकेत भी मिल रही है कि अर्थव्यवस्था में सबकुछ ठीकठाक नहीं है।


RBI ने फिस्कल ईयर 20 के लिए GDP की ग्रोथ 6.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। RBI का अनुमान था कि फिस्कल ईयर 2019-20 की पहली छमाही यानी अप्रैल से लेकर सितंबर तक ग्रोथ रेट 5.8-6.6 फीसदी रह सकता है। जबकि दूसरी छमाही यानी अक्टूबर से लेकर मार्च तक ग्रोथ रेट 7.3-7.5 फीसदी रहने का अनुमान था। हालांकि ज्यादातर एनालिस्ट्स और फाइनेंशियल संस्थानों का अनुमान था कि फिस्कल ईयर 20019-2020 में ग्रोथ रेट 6.5-7 फीसदी के रेंज में रह सकता है। जबकि मूडीज ने इस दौरान भारत की ग्रोथ रेट 6.4 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। 

शक्तिकांत दास के गवर्नर बनने के बाद RBI ने लगातार चार बार रेपो रेट में कटौती की है। अगस्त की मॉनेटरी पॉलिसी में RBI ने 0.35 फीसदी रेपो रेट कम किया था। RBI ने गुरुवार को अपनी एनुअल रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में बैंक ने बताया कि इस फाइनेंशियल ईयर में उसका फोकस डिमांड बढ़ाने पर है।

वहीं मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमणियन ने कहा कि ग्रोथ को दुरुस्त करने के लिए सरकार कदम उठा रही है। ग्रोथ में बूस्टर के लिए जो कदम उठाए गए हैं उनका पॉजिटिव असर दिखेगा और हालात सुधर जाएंगे। 

HDFC BANK की Sr.Economist Sakshi Gupta का कहना है कि इस बार ग्रोथ भले ही पस्त रही हो, लेकिन बाजार के जानकारों को उम्मीद है कि आगे आने वाली तिमाहियों में सुधार होगा।

वहीं CRISIL की सीनियर इकोनॉमिस्ट दीप्ति देशपांडे मानती हैं कि ग्रोथ अनुमान की समीक्षा होनी चाहिए। उनका मानना है कि ये आंकड़े दिखाते हैं कि पहली तिमाही में स्लोडाउन अनुमान से ज्यादा था।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें