कनाडा ने हमेशा से सिख समुदाय का समर्थन किया है, लेकिन ऐसा पहली बार है जब यह मुल्क खुलेआम न सिर्फ भारत के खिलाफ खालिस्तानी विरोध-प्रदर्शनों का समर्थन कर रहा है, बल्कि अपराधियों को भी शरण दे रहा है। एक टॉप इंटेलिजेंस सूत्र ने बताया, 'यह बेहद हैरान करने वाला मामला है कि कनाडा जैसा विकसित देश जांच के 20 से भी ज्यादा मामलों में सहयोग नहीं कर रहा है। भारत के साथ आपके कूटनीतिक रिश्ते हैं, लेकिन आप खुलेआम अपनी जमीन से भारत विरोधी गतिविधियों की अनुमति दे रहे हैं। भारत की तरफ से भी इस तरह की गतिविधियां की जा सकती हैं, लेकिन हम कूटनीतिक रिश्तों का सम्मान करते हैं।'
