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कनाडा-भारत के रिश्तों में तनाव के पीछे ISI और ड्रग माफिया की अहम भूमिका

इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करने वाला शख्स बिलाल चीमा, ट्रूडो की पार्टी की फंडिंग करता है। सूत्रों ने बताया कि कनाडा में मौजूद 'इमिग्रेशन लॉबी' भारत के लिए चिंता का विषय है, जो भारतीय युवाओं को गैंगस्टर बनाने, ड्रग्स की स्मगलिंग या भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर करती है। उनके मुताबिक, वहां मौजूद ड्रग माफिया पंजाब की युवा लड़कियों को वेश्यावृत्ति के लिए भी मजबूर करते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 22, 2023 पर 6:58 PM
कनाडा-भारत के रिश्तों में तनाव के पीछे ISI और ड्रग माफिया की अहम भूमिका
भारत की एक और चिंता ट्रूडो की पार्टी द लिबरल पार्टी ऑफ कनाडा में पाकिस्तान की घुसपैठ को लेकर है।

कनाडा ने हमेशा से सिख समुदाय का समर्थन किया है, लेकिन ऐसा पहली बार है जब यह मुल्क खुलेआम न सिर्फ भारत के खिलाफ खालिस्तानी विरोध-प्रदर्शनों का समर्थन कर रहा है, बल्कि अपराधियों को भी शरण दे रहा है। एक टॉप इंटेलिजेंस सूत्र ने बताया, 'यह बेहद हैरान करने वाला मामला है कि कनाडा जैसा विकसित देश जांच के 20 से भी ज्यादा मामलों में सहयोग नहीं कर रहा है। भारत के साथ आपके कूटनीतिक रिश्ते हैं, लेकिन आप खुलेआम अपनी जमीन से भारत विरोधी गतिविधियों की अनुमति दे रहे हैं। भारत की तरफ से भी इस तरह की गतिविधियां की जा सकती हैं, लेकिन हम कूटनीतिक रिश्तों का सम्मान करते हैं।'

जी-20 समिट (G20 Summit) के बाद भारत और कनाडा के बीच संबधों में तनाव आ गया है। दरअसल, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) जब भारत दौर पर थे, तो प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कनाडा में चल रही भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर चिंता जताई थी। इसके बाद, ट्रूडो ने भारत पर खालिस्तानी आतकंवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। विदेश मंत्रालय ने ट्रूडो के इन आरोपों को 'दुर्भावना से प्रेरित और बेतुका' बताया था।

चिंता की वजह

सूत्रों ने बताया कि कनाडा में मौजूद 'इमिग्रेशन लॉबी' भारत के लिए चिंता का विषय है, जो भारतीय युवाओं को गैंगस्टर बनाने, ड्रग्स की स्मगलिंग या भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर करती है। उनके मुताबिक, वहां मौजूद ड्रग माफिया पंजाब की युवा लड़कियों को वेश्यावृत्ति के लिए भी मजबूर करते हैं। जांच एजेंसियों ने पाया कि कनाडा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के सामने प्रदर्शन करने वाले युवा मुख्य तौर पर ब्रिटेन (UK), जर्मनी और अन्य देशों के हैं। सूत्रों के मुताबिक, वे कनाडा के स्थानीय सिखों के निमंत्रण पर कनाडा आते हैं और इन्हें ट्रूडो से भी समर्थन मिलता है।

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