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Google और कई अन्य बड़ी कंपनियों की पूर्व रिक्रूटर ने बताया बेहतर रिज्यूमे बनाने का फॉर्मूला

स्टीफैनी फैकरेल ने रिक्रूटमेंट बिजनेस में 15 साल काम किया है और उन्होंने गूगल, एपल, सैमसंग और एनवीडिया जैसी ग्लोबल टेक कंपनियों के साथ काम किया है। अपने पूरे करियर में वह हजारों 'रिज्यूमे' का विश्लेषण कर चुकी है और उनकी सलाह है कि रिज्यूमे तैयार करते समय 'बोरिंग' फॉर्मैट का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 26, 2024 पर 9:26 PM
Google और कई अन्य बड़ी कंपनियों की पूर्व रिक्रूटर ने बताया बेहतर रिज्यूमे बनाने का फॉर्मूला
एक रिक्रूटमेंट एक्सपर्ट ने बताया कि रिज्यूमे तैयार करते समय 'बोरिंग' फॉर्मैट का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर होता है।

स्टीफैनी फैकरेल ने रिक्रूटमेंट बिजनेस में 15 साल काम किया है और उन्होंने गूगल, एपल, सैमसंग और एनवीडिया जैसी ग्लोबल टेक कंपनियों के साथ काम किया है। अपने पूरे करियर में वह हजारों 'रिज्यूमे' का विश्लेषण कर चुकी है और उनकी सलाह है कि रिज्यूमे तैयार करते समय 'बोरिंग' फॉर्मैट का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर होता है।

उन्होंने CNBC से बातचीत में कहा, 'इसे बोरिंग बनाएं।' उनका कहना था कि 'रिज्यूमे' में कोई कलर, कोई चार्ट, कोई ग्राफ, कोई पिक्चर नहीं होना चाहिए। इसके बजाय एचआर कंसल्टेंट अब सिंपल और आसान फॉर्मैट का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं, ताकि नौकरी मांगने वाले उम्मीदवार साफ तौर पर अपने बारे में बात कर सकें।

फैकरेल ने कहा, 'जब मैं गूगल के लिए काम करती थी, तो लोग हमेशा कलाकारी नमूने वाले रिज्यूमे सौंपते थे, जिनमें चार्ट और गूगल कलर भी होते थे।' टाइटिल और काम का ब्यौरा लिखने के बजाय उम्मीदवार अपने रिज्यूमे को कॉलम और खांचों में बांट देते थे।

फैकरेल का मानना है कि इस तरह के रंगीन रिज्यूमे बनाकर लोग भी सिर्फ अपना ध्यान खींचने की कोशिश करते हैं। हालांकि, ऐसे कई रिज्यूमे आसानी से पढ़े भी नहीं जा सके, जिससे आवेदकों के क्वॉलिफिकेशन के बारे में पता करना ज्यादा मुश्किल हो जाता है।

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