Joshimath Crisis: बद्रीनाथ के भगवान विष्णु की दौलत के लिए बढ़ी चिंता, हो रही सुरक्षित ठिकाने की तलाश

Joshimath crisis: जोशीमठ में प्राकृतिक आपदा के चलते जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो रखा है। वहीं अथॉरिटीज के सामने एक और बड़ी चिंता खड़ी हो गई है कि बद्रीनाथ (Badrinath) की दौलत को कहां सुरक्षित रखा जाए। अभी इन्हें नरसिंह मंदिर (Narsingh Temple) में रखा गया है

अपडेटेड Jan 18, 2023 पर 9:18 PM
सर्दियों में जब हिमालय में स्थित बद्रीनाथ के दरवाजे बंद हो जाते हैं तो इसमें पूजे जाने वाले भगवान विष्णु की पूजा जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में की जाती है। बद्रीनाथ की दौलत को भी सर्दियों में नरसिंह मंदिर में लाया जाता है।

Joshimath crisis: जोशीमठ में प्राकृतिक आपदा के चलते जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो रखा है। वहीं अथॉरिटीज के सामने एक और बड़ी चिंता खड़ी हो गई है कि बद्रीनाथ (Badrinath) की दौलत को कहां सुरक्षित रखा जाए। अभी इन्हें नरसिंह मंदिर (Narsingh Temple) में रखा गया है। अधिकारियों का दावा है कि मंदिर अब सुरक्षित है लेकिन बद्रीनाथ की संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए एक और ठिकाने की तलाश की जा रही है। यह चिंता इसलिए की जा रही है कि अगर स्थिति और बिगड़ती है तो बद्रीनाथ की सोने और चांदी की भारी संपत्ति को किसी सुरक्षित ठिकाने में रखा जा सके।

अधिकारियों को किस बात की है चिंता

बद्रीनाथ की संपत्ति को जिस नरसिंह मंदिर में रखा गया है, वह प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह प्रभावित सिंगधर वार्ड और जेपी कॉलोनी से महज आधे किमी की हवाई दूरी पर है। इसके चलते अधिकारियों की चिंताएं बढ़ी हैं। बता दें कि सर्दियों में जब हिमालय में स्थित बद्रीनाथ के दरवाजे बंद हो जाते हैं तो इसमें पूजे जाने वाले भगवान विष्णु की पूजा जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में की जाती है। बद्रीनाथ की दौलत को भी सर्दियों में नरसिंह मंदिर में लाया जाता है।


Budget 2023: Crypto Market को बजट से हैं बड़ी उम्मीदें, वित्त मंत्री इन ऐलानों से दे सकती हैं तगड़ा सपोर्ट

स्थिति बिगड़ने पर यहां रखी जा सकती है दौलत

नरसिंह मंदिर और इसके परिसरों में कोई दरार अभी तक नहीं आई है लेकिन सावधानी के तौर पर एक वैकल्पिक स्थान की तलाश की जा रही है। न्यूज एजेंसी पीटीआई से केदारनाथ टेंपल कमेटी के चेयरमैन अजेंद्र अजय ने कहा कि बद्रीनाथ के खजाने को शिफ्ट करने के लिए पीपलकोटी में एक गेस्ट हाउस काफी उपयुक्त दिख रहा है। वहीं कुछ लोगों ने पांडुकेश्वर में भी एक स्थान का सुझाव दिया है। हालांकि अजय का कहना है कि फिलहार इसे शिफ्ट करने की कोई जरूरत नहीं है और भगवान से भी वह प्रार्थना करते हैं कि इसकी जरूरत न पड़े।

Ashneer Grover को दिल्ली हाईकोर्ट से तगड़ा झटका, BharatPe में हिस्सेदारी हो सकती है आधी

क्या है Badrinath की संपत्तियों में

बद्रीनाथ की संपत्तियों में रत्नों से जड़ा एक मुकुट है जिसके बीच में हीरा लगा हुआ है। इसे हैदराबाद में बनाया गया था और भगवान विष्णु इसे वर्ष 1962 से पहने हुए हैं। इसके अलावा कुछ और मुकुट हैं जो सैकड़ों साल पुराने हैं। बद्रीनाथ की दौलत में भक्तों की तरफ से चढ़ाए जाने वाले सोने और हीरे की मालाएं, चांदी के बर्तन, प्लेट, कटोरियों, सोने और चांदी के सिक्के और गिन्नी है। इसमें अन्य चढ़ावे के अलावा 30-35 किग्रा चांदी और 40-45 किग्रा सोना है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।