Budget 2023: क्रिप्टो मार्केट (Crypto Market) वर्ष 2021 में अपने पूरे रौ में था। 10 नवंबर 2021 को क्रिप्टो मार्केट कैप 3 लाख करोड़ डॉलर के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। हालांकि फिर इसमें फिसलन शुरू हुई और पिछले साल 21 नवंबर 2022 को साल भर के निचले स्तर 72758 करोड़ डॉलर पर फिसल गया। क्रिप्टो एसेट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म Kunji के फाउंडर अनुराग दीक्षित का कहना है कि दो साल पहले हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) और इंस्टीट्यूशनल प्लेयर्स क्रिप्टो में निवेश करने की योजना बना रहे थे लेकिन अब उनका रुझान फीका हो रहा है।
उनके रुझान में यह बदलाव क्रिप्टो की दुनिया में तमाम हलचलों के चलते आया है जैसे कि टेरा लूना (Terra Luna) के जीरो होने और दिग्गज क्रिप्टो एक्सचेंज FTX का दिवालिया होना। इसके अलावा रूस-यूक्रेन की लड़ाई के चलते बढ़ती महंगाई और ब्याज दरों ने भी चिंता बढ़ाई। अब अगले महीने एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करने वाली हैं तो इसे लेकर क्रिप्टो मार्केट को भी बड़ी उम्मीदे हैं।
Budget 2023 से क्या है उम्मीदें
पिछले साल बजट में वित्त मंत्री ने क्रिप्टो एसेट्स से मुनाफे पर 30 फीसदी की दर से टैक्स लगाने का ऐलान किया था। इसके अलावा यह भी प्रावधान किया गया कि क्रिप्टो में निवेश पर हुए नुकसान को किसी भी अन्य हेड के मुनाफे से एडजस्ट नहीं किया जा सकेगा या इसे कैरी फॉरवर्ड नहीं किया जाएगा। इसके अलावा क्रिप्टो के लेन-देन पर हर बार 1 फीसदी टीडीएस का भी प्रावधान किया गया। FinTrekk Capital के फाउंडर और सीआईओ अमित कुमार गुप्ता के मुताबिक ये नियम पिछले साल 1 अप्रैल से प्रभावी हो गए और इसके बाद से क्रिप्टो में दिलचस्पी यहां खत्म हो गई।
इन प्रावधानों और एसेट प्राइस में 90 फीसदी तक गिरावट के चलते घरेलू एक्सचेंजों पर क्रिप्टो का ट्रेडिंग वॉल्यूम 90 फीसदी गिर गया। अब इस साल बजट से एक्सपर्ट्स उम्मीद लगा रहे हैं कि वित्त मंत्री कुछ राहत देंगी। दिल्ली स्थित टेक पॉलिसी थिंक टैंक Esya Centre की हालिया रिसर्च के मुताबिक नए टैक्स प्रावधानों के चलते भारतीय निवेशकों ने 380 करोड़ डॉलर से अधिक क्रिप्टो को इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंजों पर शिफ्ट कर दिया। एक लॉ फर्म ट्राईलीगल के पार्टनर-टैक्स मेयाप्पन नागप्पन का मानना है कि वित्त मंत्री को टीडीएस को कम करना चाहिए। हालांकि क्रिप्टो रिसर्च फर्म CREBACO के फाउंडर और सीईओ Sidharth Sogani इस साल पेश होने वाले बजट में किसी भी बदलाव के आसार नहीं देख रहे हैं।
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क्रिप्टो के लिए कैसा रहा पिछला साल
आंकड़ों के मुताबिक दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो Bitcoin के भाव पिछले साल सालाना आधार पर 64 फीसदी गिर गए और रिकॉर्ड हाई से करीब 74 फीसदी टूट गया। दोनों ही मामले में बिटकॉइन के लिए 2022 दूसरा सबसे बुरा साल रहा। वहीं दूसरा सबसे बड़ा क्रिप्टो एथेरियम (Ethereum) भी पिछले साल सालाना आधार पर 68 फीसदी गिर गया। कार्डानो 85 फीसदी और सोलाना 94 फीसदी गिरकर मार्केट कैप के हिसाब से टॉप-10 क्रिप्टो से बाहर निकल गया।
स्विटजरलैंड के बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट्स बेसेल की एक स्टडी के मुताबिक 2015-2022 के बीच क्रिप्टो में पैसे लगाने वाले 73-81 फीसदी निवेशक घाटे में हैं। हालांकि यह साल बेहतर दिख रहा है और बिटकॉइन ने नवंबर 2022 के बाद से पहली बार 21 हजार डॉलर के लेवल को पार किया। दुनिया के सबसे बड़े एसेट मैनेजर ब्लैकरॉक ने क्रिप्टो मार्केट में एंट्री मारी है जिसे पॉजिटिव संकेत माना जा रहा है।
कुंजी के दीक्षित का मानना है कि भारतीय क्रिप्टो मार्केट में फिलहाल ज्यादातर खुदरा निवेशक ही हैं लेकिन मार्केट में स्थिरता और नियामकीय अनिश्चितता दूर होने पर इंस्टीट्यूशनल प्लेयर्स भी इसमें एंट्री कर सकते हैं। हालांकि गुप्ता के मुताबिक इस साल की पहली छमाही में क्रिप्टो में किसी खास खरीदारी के संकेत नहीं दिख रहे हैं। सोगानी के मुताबिक दूसरी छमाही में बिटकॉइन 23 हजार डॉलर का लेवल छू सकता है लेकिन अगर यह फिसलता है तो 12 हजार डॉलर तक भी आ सकता है।