यूनियन बजट 2023 : इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को सोशल सिक्योरिटी और स्किल बढ़ाने के उपायों के साथ ही रोजगार के मौके पैदा करने पर ध्यान देना चाहिए। इससे बड़ी संख्या में लोगों की जीविकोपार्जन की चिंता दूर होगी। स्टाफिंग फर्मों का कहना है कि इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80JJAA को ध्यान में रख नौकरियां बढ़ाने वाले उपाय करने चाहिए। इस सेक्शन के तहत उन कंपनियों को अपनी टैक्सेबल इनकम से नए एंप्लॉयीज की हायरिंग पर आने वाला खर्च घटाने की इजाजत है। इससे रोजगार के मौके बढ़ाने में मदद मिलेगी। केंद्र की मोदी सरकार पर नौकरियों के मौके बढ़ाने का दबाव है। खासकर लोकसभा चुनावों से पहले के साल में सरकार रोजगार पैदा करने वाले उपायों पर फोकस बढ़ा सकती है।
इंप्लीमेंटेशन वेज की सीमा बढ़ाने की जरूरत
Quess Corp के प्रेसिडेंट (वर्कफोर्स मैनेजमेंट) लोहित भाटिया ने कहा, "2014 से इंप्लीमेंटेशन वेज की सीमा हर महीने 25,000 रुपये है। पिछले 8 साल में इनफ्लेशन को ध्यान में रख इसमें संशोधन करने की जरूरत है। क्वालिटी जॉब्स के लिए इसे बढ़ाकर 50,000 रुपये करना सही होगा। इससे आर्थिक समृद्धि का फायदा सबको मिल सकेगा।"
स्टार्टअप को पर्याप्त आर्थिक मदद उपलब्ध करानी होगी
टेक स्टार्टअप TRST Score के सीईओ और फाउंडर सुधाकर राजा ने कहा, "स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम के तहत फंडिंग बढ़ाने से उन स्टार्टअप को मिलेगी, जो अभी मुश्किल का सामना कर रहे हैं। सरकार एंजल और वीसी फंडिंग जैसा सपोर्ट देने का फैसला कर सकती है। इससे स्टार्टअप इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा।"साल 2021 के मुकाबले साल 2022 में इंडियन स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग 33 फीसदी घटकर 24 अरब डॉलर रह गई। हालांकि, यह 2019 या 2020 के मुकाबले करीब दोगुना है। PwC India की रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है।
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टैक्स से छूट की इनकम की लिमिट बढ़ाई जाए
नौकरीपेशा वर्ग को उम्मीद है कि सरकार टैक्स छूट के लिए आय की लिमिट को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करेगी। टैलेंट सॉल्यूशंस फर्म NLB Services के सीईओ सचिन अलुग ने कहा कि अभी नौकरी पेशा वर्ग के लिए सबसे ज्यादा टैक्स स्लैब में 30 फीसदी टैक्स लगता है। इसे घटाकर 25 फीसदी किया जा सकता है। अभी के नियम के मुताबिक, 5 करोड़ से ज्यादा इनकम पर सरचार्ज और सेस के बाद टैक्स 42.74 फीसदी हो जाता है। यह एशिया-प्रशांत के कई देशों के मुकाबले ज्यादा है।
निवेश के लिए प्रोत्साहन बढ़ाना होगा
उम्मीद है कि यूनियन बजट 2023 में नौकरीपेशा वर्ग के लिए सुरक्षित निवेश के विकल्प उपलब्ध कराने और टैक्स में कमी के ऐलान होंगे। एचआर कंसल्टिंग फर्म कोर इंटेग्रा के एमडी महेश कृष्णमूर्ति ने कहा कि नौकरीपेशा वर्ग को निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन देने से उनका तो फायदा होगा ही सरकार का भी फायदा होगा। उन्होंने कहा कि हाउसिंग लोन पर इंटरेस्ट के डिडक्शन के लिए सीमा खत्म होनी चाहिए। इससे लोगों की दिलचस्पी घर खरीदने में बढ़ेगी।