डाक विभाग को 2029 तक मुनाफे में लाना चाहते हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया, वित्त मंत्री से मांगा फंड

संचार मंत्रालय में यह ज्योतिरादित्य सिंधिया का दूसरा कार्यकाल है। वह 2007 में UPA सरकार के तहत राज्य मंत्री थे। उस वक्त उन्होंने डाक विभाग के आधुनिकीकरण के लिए प्रोजेक्ट एरो का संचालन किया था और डाक सेवकों को ऑफिस इक्विपमेंट प्राप्त करने में मदद की थी। 2024 में विभाग का कार्यभार संभाले हुए उन्हें 6 महीने हो गए हैं

अपडेटेड Dec 28, 2024 पर 8:52 PM
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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डाक विभाग के मुनाफे की राह पर चर्चा करने के लिए नई दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की।

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) देश के डाक विभाग को 2029 तक मुनाफे में लाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) से फंड मांगा है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों से मिली है। डाक विभाग (Department of Posts) एक लॉजिस्टिक कंपनी के रूप में उभरने की योजना पर काम कर रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, “ज्योतिरादित्य ने भारतीय डाक विभाग के मुनाफे की राह पर चर्चा करने के लिए नई दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। उन्होंने और डाक विभाग की उनकी टीम ने शुक्रवार को वित्त मंत्री के सामने अपनी पूंजीगत व्यय मांगें रखीं, ताकि विभाग को 2029 तक प्रॉफिटेबल बनाया जा सके।”

क्या लक्ष्य लेकर चल रहा है डाक विभाग


सूत्र ने यह नहीं बताया कि डाक विभाग ने प्रॉफिटेबिलिटी के लिए कितना पूंजीगत व्यय मांगा है। पीटीआई के मुताबिक, एक अन्य अधिकारी ने कहा कि डाक विभाग के अधिकारियों ने भारतीय डाक को मुनाफा कमाने वाली लॉजिस्टिक्स कंपनी बनाने के लिए पूंजीगत व्यय को लेकर अपनी मांगें पेश कीं। सिंधिया ने इस बात पर जोर दिया कि विभाग का लक्ष्य अधिक कस्टमर एक्वीजीशन, कस्टमर को अपने साथ जोड़ कर रखना और ऑपरेशनल एफिशिएंसी हासिल करना है।

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BPR कवायद के बारे में भी की बात

सूत्र ने कहा, "उन्होंने चल रही बिजनेस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग (BPR) कवायद के बारे में भी बात की, जिसे वित्त मंत्रालय से मिलने वाले फंड से बहुत फायदा होगा। उन्होंने बताया कि BPR कवायद अधिक आकर्षक बी2बी और बी2सी सर्विसेज को लॉन्च करने पर भी फोकस करेगी।" बैठक में सिंधिया ने बताया कि पूंजीगत व्यय देश भर में डाकघरों के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और डाकघरों के साथ-साथ कर्मचारियों के हाउसिंग क्वार्टर के रिनोवेशन पर फोकस करेगा। मंत्री ने कहा कि डाक विभाग, प्रक्रियाओं के ऑटोमेशन की दिशा में काम करेगा ताकि उन्हें एफिशिएंट और फ्यूचर रेडी बनाया जा सके।

2028-29 तक वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी होगा डाक विभाग

सीतारमण के साथ बैठक के दौरान सिंधिया ने आश्वासन दिया कि डाक विभाग 2028-29 तक वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी होगा। सिंधिया ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि अगले 5-7 वर्षों में भारतीय डाक विभाग अपने ज्यादातर प्रोडक्ट्स के लिए बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने, रेवेन्यू बढ़ाने और इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि मेल और पार्सल वर्टिकल में बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा।

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