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Kargil Vijay Diwas 2024: कैप्टन सौरभ कालिया, कारगिल युद्ध के पहले शहीद, पाकिस्तानियों ने फोड़ दिए थे आंख और कान, आइब्रो से की शव की पहचान

Kargil War 1999: दिसंबर 1998 में सौरभ कालिया ने IMA से अपनी ट्रेनिंग पूरी की और फरवरी 1999 में उनकी पोस्टिंग कारगिल में 4 जाट रेजीमेंट हुई थी। मौत से महज चार महीने पहले ही वे सेना में भर्ती हुए थे। कैप्टन सौरभ कालिया और उनके साथ पांच सिपाही अर्जुन राम, भीका राम, भंवर लाल बगरिया, मूला राम और नरेश सिंह को पेट्रोलिंग के लिए भेजा गया था

Shubham Sharmaअपडेटेड Jul 26, 2024 पर 9:17 AM
Kargil Vijay Diwas 2024: कैप्टन सौरभ कालिया, कारगिल युद्ध के पहले शहीद, पाकिस्तानियों ने फोड़ दिए थे आंख और कान, आइब्रो से की शव की पहचान
Kargil Vijay Diwas: कैप्टन सौरभ कालिया, कारगिल युद्ध के पहले शहीद, पाकिस्तानियों ने फोड़ दिए थे आंख और कान

कारगिल युद्ध को आज 25 साल पूरे हो गए हैं और देश आज उन महान शहीदों की याद में कारगिल विजय दिवस माना रहा है, जिनके बलिदान और बहादुरी ने भारत को इस सबसे मुश्किल युद्ध में जीत दिलाई। इस युद्ध में कई नौजवान सैन्य अधिकारियों ने अपनी जान गंवाई, इनमें से एक थे कैप्टन सौरभ कालिया। 25 साल पहले कारगिल युद्ध में सबसे पहली शहादत कैप्टन सौरभ कालिया की ही हुई थी।

उन्हें उनके पांच साथी सैनिकों के साथ पाकिस्तानी सेना ने पकड़ लिया और मारे जाने से पहले 22 दिनों तक क्रूर यातना दी गई। युद्ध के समय सौरभ कालिया की उम्र महज 22 साल थी।

दिसंबर 1998 में सौरभ कालिया ने IMA से अपनी ट्रेनिंग पूरी की और फरवरी 1999 में उनकी पोस्टिंग कारगिल में 4 जाट रेजीमेंट हुई थी। मौत से महज चार महीने पहले ही वे सेना में भर्ती हुए थे।

पोस्ट छोड़कर नीचे लौट आई थी भारतीय सेना

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