Kolkata Rape: 'ये कब फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट बने' IMA ने डॉक्टर के रेप केस में पुलिस की लापरवाही पर उठाए सवाल, लगाए कई गंभीर आरोप

Kolkata Doctor Rape Case: IMA ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में बताया कि डॉ. अविक डे, जिन्हें पुलिस ने घटनास्थल पर फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट बताया, वह कोलकाता के SSKM अस्पताल के सर्जरी विभाग में फर्स्ट ईयर के पीजी ट्रेनी हैं। एसोसिएशन ने सवाल उठाया है कि डे को फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट कैसे माना जा सकता है और पीजी कोर्स में उनके एडमिशन से जुड़े विवादों पर रोशनी डाली है

अपडेटेड Sep 01, 2024 पर 5:57 PM
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Kolkata Rape: 'ये कब फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट बने' IMA ने डॉक्टर के रेप केस में पुलिस की लापरवाही पर उठाए सवाल

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की पश्चिम बंगाल ब्रांच ने 9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 31 साल की PGT डॉक्टर की मौत की जांच के संबंध में कोलकाता पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर चिंता जताई है। भीड़ भरे सेमिनार हॉल की तस्वीरें जहां शव मिला था, सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि इतने सारे लोगों को क्राइम सीन पर जाने की अनुमति कैसे दी गई। साथ ही आरोप लगाया गया कि हो सकता है कि घटनास्थल को "बदल दिया गया" हो।

IMA ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में बताया कि डॉ. अविक डे, जिन्हें पुलिस ने घटनास्थल पर फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट बताया, वह कोलकाता के SKM अस्पताल के सर्जरी विभाग में फर्स्ट ईयर के पीजी ट्रेनी हैं।

IMA ने लगाया झूठे दस्तावेज का आरोप


एसोसिएशन ने सवाल उठाया है कि डे को फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट कैसे माना जा सकता है और पीजी कोर्स में उनके एडमिशन से जुड़े विवादों पर रोशनी डाली है। आरोप लगाया है कि उनकी सीट पक्की करने के लिए झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया होगा।

उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए लिखा, "कृपया हमें बताएं कि महान डॉ. अविक डे फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट कब बने? (जैसा कि कोलकाता पुलिस ने बताया)। जैसा कि हम सभी जानते हैं, वह SKM अस्पताल के सर्जरी विभाग के फर्स्ट ईयर के पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेनी हैं।"

इसमें आगे कहा गया, "हम यह भी जानते हैं कि उन्हें PG कोर्स में दाखिला दिलाने को लेकर काफी विवाद हुए हैं। ऐसा कहा जाता है कि डॉ. अविक डे हालांकि, बर्दवान मेडिकल कॉलेज में RMO के रूप में काम करते थे, लेकिन उस कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल डॉ. कौस्तव नायेक ने उन्हें पीजी एडमिशन के लिए सर्विस कोटा दिलाने के लिए सभी आधिकारिक कागजात में हेरफेर करते हुए एक झूठा सर्टिफिकेट दिया, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने अनामोय अस्पताल में काम किया था।"

IMA ने CBI से की जांच की अपील

IMA ने आगे कहा, "और बदले में पहले इंटरव्यू के नतीजे घोषित किए बिना या उसे रद्द किए बिना, कई और सीनियर और योग्य प्राचार्यों को दरकिनार करते हुए, दूसरे इंटरव्यू के जरिए डॉ. कौस्तव नायेक को DME बना दिया गया।"

IMA ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से अपराध स्थल पर डे की उपस्थिति की जांच करने की अपील की है, ये तर्क दिया कि उनका आरजी कर अस्पताल से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।

कोलकाता पुलिस ने दी सफाई

इन घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए, BJP आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ममता बनर्जी और कोलकाता पुलिस पर सच्चाई को छिपाने और सबूत नष्ट करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

हालांकि, कोलकाता पुलिस ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। DCP सेंट्रल इंदिरा मुखर्जी ने कहा कि क्राइम सीन से छेड़छाड़ नहीं की गई थी और वायरल तस्वीरों में देखे गए सभी व्यक्ति जांच में शामिल अधिकृत लोग थे। पुलिस ने आश्वासन दिया कि जांच प्रक्रिया के दौरान कोई सबूत नहीं खोया गया।

शुक्रवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मुखर्जी ने कहा, "हम उस तस्वीर के बारे में बात कर रहे हैं। इलाके की घेराबंदी कर दी गई थी। घेरे के पीछे शव है। मैं आपको उन सभी लोगों के नाम बता सकती हूं जो तस्वीर में हैं। वे सभी जांच दल का हिस्सा थे। किसी भी समय कोई भी ऐसा व्यक्ति जो अधिकृत नहीं था, वो इस एरिया में एंट्री नहीं कर सकता था।"

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