भारत ने ओमान के तट के पास भारतीय झंडे वाले एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। भारत सरकार ने इस घटना को “अस्वीकार्य” बताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर लगातार नागरिक जहाजों को निशाना बनाया जाना बेहद चिंता की बात है। ओमान के तट के पास 13-14 मई भारतीय ध्वज वाले जहाज 'हाजी अली' को निशाना बनाया गया।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि जहाज पर मौजूद सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। ओमान की मदद से सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
भारत ने कहा कि आम व्यापारिक जहाजों और नागरिक नाविकों पर हमला किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सरकार ने ऐसे हमलों पर चिंता जताते हुए कहा कि समुद्र में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होनी चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि जहाज पर मौजूद सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। भारत ने नाविकों को बचाने में मदद करने के लिए ओमान की सरकार और अधिकारियों का धन्यवाद भी किया।
भारत ने अपने बयान में कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना, आम नागरिक नाविकों की जान खतरे में डालना और समुद्री व्यापार या आवाजाही में रुकावट पैदा करना नहीं होना चाहिए।
हालांकि, भारत ने यह साफ नहीं किया कि हमला किसने किया। यह घटना ऐसे समय हुई है जब होर्मुज स्ट्रेट के आसपास तनाव काफी बढ़ा हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर हालात अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं। फिलहाल लड़ाई पर अस्थायी रोक है, लेकिन दोनों देशों के बीच कोई स्थायी समझौता नहीं हो पाया है।
28 फरवरी 2026 से ईरान ने ओमान और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास कई जगहों को निशाना बनाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान खास तौर पर ओमान के डुक्म पोर्ट और सलालाह पोर्ट पर हमले कर रहा है। माना जा रहा है कि ये हमले उस बड़े संघर्ष का हिस्सा हैं, जिसमें पश्चिमी देशों से जुड़े ठिकानों और सुविधाओं को निशाना बनाया जा रहा है।
इन हमलों में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। अप्रैल 2026 की शुरुआत तक ड्रोन हमलों और टैंकरों पर हमलों में कम से कम 19 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई थी।
सलालाह पोर्ट पर कई बार ड्रोन हमले हुए, जिनमें फ्यूल स्टोरेज टैंक में आग लग गई और बंदरगाह के क्रेन समेत कई ढांचों को नुकसान पहुंचा।
हालांकि इन हमलों के बावजूद ओमान ने खुद को तटस्थ रखने की कोशिश की है और कूटनीतिक रास्ता अपनाने पर जोर दिया है। लेकिन ओमान ने अपनी संप्रभुता के उल्लंघन और हमलों की कड़ी निंदा भी की है।