Lakhimpur Violence: 12 घंटों की लंबी पूछताछ के बाद आशीष मिश्रा गिरफ्तार, पुलिस ने कहा- नहीं कर रहे थे सहयोग

DIG उपेंद्र अग्रवाल ने कहा कि वे विवेचना में कई बातें बताना नहीं चाहते। इसलिए हम उन्हें गिरफ्तार कर रहे हैं

अपडेटेड Oct 10, 2021 पर 2:46 PM
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3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी हिंसा (Lakhimpur Kheri Violence) के सिलसिले में उत्तर प्रदेश पुलिस की एक SIT ने केंद्रीय मंत्री गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा (Ajay Mishra) के बेटे आशीष मिश्रा (Ashish Mishra) को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। आशीष से SIT पिछले करीब 12 घंटों से पूछताछ कर रही थी। आशीष की गिरफ्तारी पर लखीमपुर खीरी मामले में पर्यवेक्षण समिति के अध्यक्ष DIG उपेंद्र अग्रवाल ने कहा कि लंबी पूछताछ के बाद हमने पाया कि आशीष मिश्रा सहयोग नहीं कर रहे।

ANI के मुताबिक, DIG उपेंद्र अग्रवाल ने कहा, "लंबी पूछताछ के बाद हमने पाया कि वे (आशीष मिश्रा) सहयोग नहीं कर रहे, विवेचना में कई बातें बताना नहीं चाहते। इसलिए हम उन्हें गिरफ्तार कर रहे हैं, उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।"

पूछताछ के लिए नहीं आने पर आशीष मिश्रा को दूसरा समन जारी किए जाने के बाद वे सुबह करीब साढ़े 10 बजे SIT के सामने पेश हुए। News18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि आशीष रात आठ बजे के बाद तक भी पूछताछ चलती रही।

इससे एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने हिंसा के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई पर असंतोष जताया था। किसान संगठन और विपक्षी दल BJP पर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से अजय मिश्रा को बर्खास्त करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।

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दरअसल आशीष मिश्रा का नाम FIR में दर्ज किया गया था और उन पर आरोप लगाया गया था कि पिछले रविवार को यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की यात्रा का विरोध कर रहे चार किसानों को कुचलने वाली में वो खुद बैठे थे।


इसके बाद नाराज किसानों ने मौके पर BJP के दो कार्यकर्ताओं और उनके ड्राइवर की कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। इस घटना में एक स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप की भी मौत हो गई, जिसने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया और उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार को बैकफुट पर ला दिया।

आशीष मिश्रा और उनके पिता ने आरोप का खंडन करते हुए कहा था कि वे यह साबित करने के लिए सबूत पेश कर सकते हैं कि वह उस समय घटनास्थल पर नहीं बल्कि एक कार्यक्रम में थे।

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाया था, सबूतों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था और जांच को किसी दूसरी एजेंसी को ट्रांसफर करने की भी बात कही थी।

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उधर दूसरी तरफ गुस्साए किसानों ने अपनी मांगे पूरी नहीं होने पर 18 अक्टूबर को देशभर में रेल रोक आंदोलन करने की चेतावनी दी। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने शुक्रवार को लखीमपुर खीरी हिंसा (Lakhimpur Kheri Violence) की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से गठित विशेष जांच दल (SIT) और जांच आयोग को खारिज किया और कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे 18 अक्टूबर को राष्ट्रव्यापी "रेल रोको" प्रदर्शन (Rail Roko Andolan) करेंगे।

SKM तीन अक्टूबर को हुई लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को हटाए जाने और उनके बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।

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