Parliament Winter Session Highlights: 13 दिसंबर को लेकसभा में हुई सुरक्षा चूक की घटना के बाद संसद परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विपक्षी दलों के सांसदों ने लोकसभा की सुरक्षा में सेंध की घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से स्पष्टीकरण की मांग की। कई सांसदों ने यह आरोप भी लगाया कि नए संसद भवन में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और इस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। इस बीच, हंगामे के कारण लोकसभा में कुल 13 सदस्यों और राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन को शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया है
Parliament Security Breach Highlights: लोकसभा में बुधवार को दो व्यक्तियों के दर्शक दीर्घा से नीचे कूदने के बाद संसद भवन परिसर में दर्शकों का प्रवेश निलंबित कर दिया गया है। जबकि लोकसभा सचिवालय ने बुधवार को हुई सुरक्षा चूक मामले में कुल 8 सुरक्षाकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। संसद पर 2001 को हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन बुधवार को सुरक्षा में सेंधमारी की बड़ी घटना उस वक्त सामने आई
Parliament Security Breach Highlights: लोकसभा में बुधवार को दो व्यक्तियों के दर्शक दीर्घा से नीचे कूदने के बाद संसद भवन परिसर में दर्शकों का प्रवेश निलंबित कर दिया गया है। जबकि लोकसभा सचिवालय ने बुधवार को हुई सुरक्षा चूक मामले में कुल 8 सुरक्षाकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। संसद पर 2001 को हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन बुधवार को सुरक्षा में सेंधमारी की बड़ी घटना उस वक्त सामने आई जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग सागर शर्मा और मनोरंजन डी सदन के भीतर कूद गए। उन्होंने नारेबाजी की और केन के जरिए पीले रंग का धुआं फैला दिया। इस बीच कुछ सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया। लगभग उसी वक्त दो अन्य आरोपियों अमोल शिंदे और नीलम देवी ने संसद परिसर के बाहर केन से रंगीन धुआं छोड़ा और तानाशाही नहीं चलेगी के नारे लगाए।
दिल्ली पुलिस ने संसद सुरक्षा चूक की घटना के संबंध में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया है। संसद पर 2001 को हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन बुधवार को सुरक्षा में सेंधमारी की बड़ी घटना उस वक्त सामने आई जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग सागर शर्मा और मनोरंजन डी सदन के भीतर कूद गए, उन्होंने नारेबाजी की और केन के जरिये पीले रंग का धुआं फैला दिया। इस बीच कुछ सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया। लगभग उसी वक्त दो अन्य आरोपियों अमोल शिंदे और नीलम देवी- ने संसद परिसर के बाहर 'केन' से रंगीन धुआं छोड़ा और 'तानाशाही नहीं चलेगी' के नारे लगाए।
पुलिस ने कहा कि इस घटना की योजना छह लोगों ने मिल कर बनाई थी और ये चारों लोग उसी समूह का हिस्सा हैं। अधिकारियों ने बताया कि घटना के संबंध में संसद मार्ग पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 120B (आपराधिक साजिश), 452 (बिना मंजूरी के प्रवेश), 153 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना), 186 (लोक सेवक को सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन में बाधा पहुंचाना) और 353 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए आपराधिक बल का इस्तेमाल करना अथवा हमला) और UAPA की धारा 16 तथा 18 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सदन में कूदने वाले दोनों व्यक्तियों की पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन डी. के रूप में हुई है। संसद भवन के बाहर से गिरफ्तार किए गए दो लोगों की पहचान हरियाणा के जींद जिले के गांव घासो खुर्द की निवासी नीलम (42) और लातूर (महाराष्ट्र) के निवासी अमोल शिंदे (25) के रूप में हुई है। नीलम ने मीडिया को बताया कि वे किसी भी संगठन से जुड़ी नहीं हैं। उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि सरकार नागरिकों के खिलाफ अत्याचार कर रही है। सदन के अंदर घुसपैठ करने वालों की पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन डी के रूप में की गई है।
तीन अन्य आरोपियों की पहचान ललित झा, विक्की शर्मा और उनकी पत्नी के रूप में की गई है। ये सभी गुरुग्राम के निवासी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सभी आरोपी अपने जूतों में धुएं का डिब्बा लेकर आए थे। मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि छठें शख्स की तलाश की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, सभी आरोपी एक-दूसरे को चार साल से जानते थे और कुछ दिन पहले ही योजना बनाई थी। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में थे। बुधवार को संसद आने से पहले उन्होंने रेकी की थी।