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वर्कप्लेस पर कम फ्लेक्सिबिलिटी से 72% महिलाएं नौकरी रिजेक्ट करती हैं: स्टडी

फ्लेक्सिबल वर्किंग के फायदों के बारे में पूछने पर करीब पांच में से दो महिलाओं ने कहा कि इससे उनका वर्क-लाइफ बैलेंस सही रहता है। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें करियर में तरक्की करने में मदद मिलती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 12, 2022 पर 2:59 PM
वर्कप्लेस पर कम फ्लेक्सिबिलिटी से 72% महिलाएं नौकरी रिजेक्ट करती हैं: स्टडी
इस स्टडी में कहा गया है कि इन वजहों से महिलाएं कामकाज में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी की डिमांड करने से बचती हैं। उन्हें अलग-थलग किए जाने, प्रमोशन रुकने, ओवरटाइम करने, सैलरी कट का डर सताता है।

नौकरी के नियम फ्लेक्सिबल (Flexible) नहीं होने से वुमेन वर्कफोर्स (Women Workforce) का पूरा इस्तेमाल नहीं हो रहा है। वर्कप्लेस पर फ्लेक्सिबिलिटी डिमांड करने के लिए महिलाओं को बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। सपोर्टिंग वर्क इनवायरनमेंट (Supporting Work Environment) की कमी से करीब 72 फीसदी महिलाएं जॉब रोल रिजेक्ट कर देती हैं। फ्लेक्सिबल वर्किंग से उनकी सैलरी तक काट दी जाती है। लिंक्डइन (LinkedIn) के सर्वे से यह जानकारी मिली है।

प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म लिंक्डइन ने मंगलवार को सर्वे के नतीजे जारी किए। इसके मुताबिक, कम से कम 83 फीसदी महिलाओं ने यह समझ लिया है कि वे काम में लचीलापन चाहती हैं। लिंक्डइन ने कहा है कि 72 फीसदी महिलाएं इसलिए जॉब रोल्स रिजेक्ट कर देती हैं, क्योंकि उन्हें फ्लेक्सिबली काम करने की इजाजत नहीं दी जाती है।

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फ्लेक्सिबल वर्किंग के फायदों के बारे में पूछने पर करीब पांच में से दो महिलाओं ने कहा कि इससे उनका वर्क-लाइफ बैलेंस सही रहता है। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें करियर में तरक्की करने में मदद मिलती है। हर तीन में से एक ने कहा कि इससे उनकी मानसिक सेहत अच्छी रहती है। महिलाओं ने यह भी कहा कि इससे मौजूदा जॉब को जारी रखने की संभावना बढ़ जाती है।

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