1 नवंबर से बार, लाउंज और कैफे में बैठकर शराब पीने के लिए आपको ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। महाराष्ट्र में बार, लाउंज और कैफे में सर्व की जाने वाली शराब महंगी हो जाएगी क्योंकि राज्य सरकार ने परमिट रूम शराब सर्विस पर 1 नवंबर से VAT 5 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया है। हालांकि, टैक्स की इस दर का असर शराब की दुकानों पर ओवर-द-काउंटर सेल पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
फाइव स्टार होटल की सर्विस पर नहीं पड़ेगा असर
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को इस संबंध में एक सरकारी प्रस्ताव जारी किया गया। इसके बाद परमिट रूम की शराब पर कुल वैट दर 10 फीसदी हो जाएगी। स्टार होटलों में शराब सर्विस में कोई भी बढ़ोतरी नहीं होगी क्योंकि वे पहले से ही अधिक वैट का पेमेंट कर रहे हैं। फाइव स्टार होटलों में शराब सर्विस पर वैट 20 प्रतिशत है। वैट दर में बढ़ोतरी पर बात करते हुए होटल कारोबारियों ने कहा है कि सरकार हाल ही में लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी ने पहले ही उन पर बोझ बढ़ा दिया है क्योंकि इससे ग्राहकों के लिए लिए शराब महंगी हो गई है।
इंडस्ट्री का मानना है कि वैट बढ़ाने के फैसले से ग्राहकों को ऑफ-प्रिमाइस खपत जैसे अधिक किफायती विकल्पों की ओर ले जाने की संभावना है, जैसे कि छतों, पार्कों, समुद्र तटों या गाड़ी पार्क करके पीने वाले ऑप्शन लोग ज्यादा देखेंगे। ग्राहकों के पैटर्न में बदलाव से न केवल बार और रेस्तरां के लिए कारोबार को नुकसान होगा, बल्कि कानून और व्यवस्था की स्थिति के साथ-साथ ड्रिंक एंड ड्राइव के लिए भी गंभीर चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
पिछले महीने खबर आई थी कि दिल्ली में फेमस ब्रांडों की कमी के बाद गुरुग्राम में शराब की कीमतें बढ़ गई हैं। दिल्ली में शराब की कमी शहर की उत्पाद शुल्क नीति और प्रमुख कंपनियों के बिक्री लाइसेंस की अस्वीकृति के कारण थी। और दिल्ली के शराब बाजार से प्रमुख ब्रांडों के गायब होने से गुरुग्राम में रिटेल सेलर्स को कीमतें बढ़ाने का मौका मिल गया।