रसोई गैस को लेकर केंद्र सरकार बड़ी तैयारी कर रह है। मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत हर घर में एलपीजी पहुंचाने के बाद अब देश में गैस पाइप लाइन का दायरा बढ़ाने में लग गई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्य सभा में प्रश्नकाल के दौरान सरकार की इस योजना पर विस्तार से जानकारी दी।
हर घर में आएगी रसोई गैस के लिए पाइप लाइन
उन्होंने कहा कि गैस पाइप लाइन का विस्तार हो जाने के बाद देश के 82 प्रतिशत से अधिक भूमि क्षेत्र और 98 प्रतिशत आबादी को पाइप लाइन के जरिये रसोई गैस सप्लाई कर दी जाएगी। गैस पाइप लाइन बिछाने के लिए बोल का प्रोसेस 12 मई से शुरू होगा।
98 फीसदी आबादी को मिलेगी पाइप के जरिये रसोई गैस
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि बोली प्रक्रिया के बाद बेसिक इंफ्रास्ट्रक्टर का खाका बनाने पर काम किया जाएगा। इसमें एक तय समय लगेगा। मंत्री ने बताया कि 11वीं बोली के बाद 82 फीसदी लैंड एरिया और 98 फीसदी आबादी को रसोई गैस पाइप लाइन के जरिये मिलेगी।
इन एरियो को नहीं मिल पाएगी गैस पाइप लाइन
वहीं, पहाड़ी इलाकों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि देश के पूर्वी इलाके और जम्मू कश्मीर के कुछ दुर्गम एरिया में गैस पाइप लाइन नहीं आ पाएगी। उन्होंने कहा कि एलपीजी सिलेंडर की तुलना में पाइप के माध्यम से मिलने वाली रसोई गैस सस्ती और ज्यादा बेहतर होगी।
बनेंगे 1000 एलएनजी स्टेशन
कोविड महामारी के दौरान उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर दिये गए। आज गैस सिलेंडरों की संख्या 30 करोड़ से अधिक है जबकि साल 2014 में 14 करोड़ थी। मंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश होगी की पूरा आबादी को इसमें कवर किया जाए और काम तेजी से किया जाएगा। इसी योजना के तहत 1000 एलएनजी स्टेशन लगाए जाएंगे।