भोपाल में मृत मिली ट्विशा शर्मा के पिता नवनीधि शर्मा ने अपनी बेटी का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि मामले में सच्चाई छिपाने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि ट्विशा का शव जल्द से जल्द AIIMS दिल्ली ले जाया जाए, ताकि शरीर खराब होने से पहले दूसरा पोस्टमार्टम हो सके और मौत की असली वजह सामने आए।
“ड्रग्स का केस दामाद पर बनना चाहिए”
नवनीधि शर्मा ने सास के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि ट्विशा ड्रग्स लेती थीं। उन्होंने उल्टा अपने दामाद समार्थ सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “अगर ड्रग्स का केस बनना चाहिए, तो उनके बेटे पर बनना चाहिए। पूरी दुनिया जानती है कि वह बड़ा ड्रग एडिक्ट है।”
उन्होंने साफ कहा कि उन्हें शक है कि उनकी बेटी की हत्या हुई है।
परिवार ने लगाए गंभीर सवाल
ट्विशा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। पुलिस के अनुसार उनकी शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समार्थ सिंह से हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद ट्विशा को दहेज के लिए परेशान किया जाता था।
नवनीधि शर्मा ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि FIR दर्ज होने के बाद तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए थी, लेकिन उसी दिन सास गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिल गई।
उन्होंने कहा, “अगर सिर्फ उम्र और प्रतिष्ठा के आधार पर अग्रिम जमानत मिलने लगे, तो कानून का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।”
ट्विशा के पिता ने ये भी आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को उनकी बेटी की मौत और शव को AIIMS भोपाल ले जाने की जानकारी समय पर नहीं दी। उनके मुताबिक, परिवार को लगातार अलग-अलग दफ्तरों और थानों के चक्कर लगाने पड़े।
मामले की जांच के लिए SIT बनाई गई है। जांच की अगुवाई कर रहे ACP रजनीश कश्यप ने कहा कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
उन्होंने बताया कि कई टीमें लगाई गई हैं और तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों को ढूंढने की कोशिश की जा रही है।
SIT दहेज प्रताड़ना, मारपीट और सबूत मिटाने की कोशिश जैसे आरोपों की जांच कर रही है।
परिवार के अनुसार, ट्विशा भोपाल छोड़कर वापस नोएडा आना चाहती थीं। मौत से पहले रात करीब 10 बजे तक वह परिवार के संपर्क में थीं।
इससे पहले सामने आए कथित चैट्स में ट्विशा ने खुद को “फंसी हुई” और “घुटन में” बताया था।
मामले में पुलिस ने समार्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु और प्रताड़ना से जुड़े प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया है।
गिरिबाला सिंह को स्थानीय अदालत से अग्रिम जमानत मिल चुकी है, जबकि समार्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर 18 मई को सुनवाई होनी है।