Delhi Liquor Vendors: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शराब पीने के शौकीनों के लिए एक बुरी खबर है। लुटियंस दिल्ली में एक सितंबर से शराब की किसी दुकान के खुलने की संभावना नहीं है। जी हां, दरअसल नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने अपने अधिकार क्षेत्र में 5 सरकारी शराब की दुकानें खोलने के आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
निकाय पदाधिकारियों ने पीटीआई को यह जानकारी दी है। नवंबर 2021 में नई आबकारी नीति लागू किए जाने के बाद दिल्ली में शराब की कोई सरकारी दुकान नहीं बची थी। वहीं, इस नीति को रद्द करने के सरकार के फैसले पर अमल से शहर में निजी शराब की दुकानें 31 अगस्त तक बंद हो जाएंगी और सिर्फ सरकारी शराब की दुकानें ही संचालित होंगी।
हालांकि, दिल्ली राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (DSIIDC) और दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (DTTDC) के एनडीएमसी क्षेत्रों में चार स्थानों पर शराब की दुकानें खोलने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है।
एक सितंबर से शहर में केवल राज्य के स्वामित्व वाली चार एजेंसियों– DSIIDC, DTTDC, DCCWS (दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक स्टोर) और DSCSC (दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम विभाग) को खुदरा शराब व्यवसाय संचालित करने की अनुमति होगी।
ये एजेंसियां शराब की 500 दुकानें खोलेंगी और इस साल के अंत तक यह संख्या 700 हो जाएगी। नयी दिल्ली महानगर परिषद (NDMC) के सदस्य और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि डीएसआईआईडीसी और डीटीटीडीसी ने नगर निकाय के अधिकार क्षेत्र में 5 शराब की दुकानें खोलने की अनुमति मांगी है।
चहल ने पीटीआई से कहा कि उनके प्रस्ताव के मुताबिक पालिका पार्किंग, यशवंत प्लेस, जनपथ में एक-एक दुकान और पालिका बाजार में दो दुकान खोली जानी थी। चर्चा के बाद हमने अपने अधिकार क्षेत्र में शराब की दुकानें खोलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में आबकारी नीति को लेकर अस्पष्टता के कारण अनुमति देने से इनकार कर दिया गया। निकाय पदाधिकारियों ने कहा कि इस बात की सबसे अधिक संभावना है कि 1 सितंबर से एनडीएमसी क्षेत्र में शराब की दुकानें नहीं होंगी। उन्होंने संकेत दिया कि 4 सरकारी एजेंसियां बाद में एक और प्रस्ताव लेकर आ सकती हैं।