महाकुंभ में जुटेंगे रूस की आबादी से ज्यादा लोग और होगी इतनी कमाई...यूपी के इकोनॉमी को मिलेगा तगड़ा बूस्ट

प्रयागराज में 12 सालों के बाद महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। इस महापर्व की शुरुआत सोमवार से हो चुकी है। इस बार कुंभ में 40 करोड़ से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है जिससे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तगड़ा फायदा होगा

अपडेटेड Jan 13, 2025 पर 4:13 PM
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महाकुंभ से इसबार होगी तगड़ी कमाई, जानें क्या कहते हैं आंकड़े

Mahakumbh 2025 : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ का आगाज हो चुका है। महाकुंभ के आगाज के साथ ही संगम में आज 50 लाख से ज्यादा लोगों ने डूबकी लगाई। इस बार कुंभ का आयोजन काफी भव्यता के साथ किया जा रहा है। प्रयागराज में 12 सालों के बाद आयोजित यह कुंभ मेला 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी रख चलेगा। एक अनुमान के मुताबिक इस बार कुंभ में 40 करोड़ से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है। कुंभ में जुटने वाले ये तीर्थयात्री, अमेरिका और रूस के आबादी से भी ज्यादा हैं। वहीं इतनी बड़ी संख्या में कुंभ में हिस्सा लेने आ रहे लोग उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद फादेमंद साबित होने वाला है।

यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए काफी फायदेमंद

भारत के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए महाकुंभ बेहद फायदेमंद साबित होने जा रहा है। जहां 45 दिनों तक चलने वाले इस मेगा आयोजन के लिए सरकार ने करीब 7,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है वहीं इससे लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक की आय होने का अनुमान है। इस आयोजन की भव्यता ऐसी है कि जमीनी स्तर पर गतिविधियों और मार्केटिंग अभियानों के माध्यम से राज्य में हजारों करोड़ रुपये आने की संभावना है। संगम घाट पर 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित होने वाला महाकुंभ, विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स प्लेयर्स और फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) कंपनियों को लाखों उपभोक्ताओं तक पहुंचने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रहा है।


एड के लिए मारा मारी

एक रिपोर्ट के मुतकाबिक विभिन्न ब्रांड, महाकुंभ में विज्ञापन अभियानों में 1800-2000 करोड़ रुपये का निवेश कर सकते हैं। विज्ञापन अभियान चलाने वाली कंपनियां एलईडी आउटडोर स्क्रीन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से प्रेरित थीम, मोबाइल ऐप और वर्चुअल असिस्टेंट का उपयोग करने के लिए तैयार हैं। धार्मिक आयोजन में भाग लेने वाले लोगों को ठहरने के लिए कई विकल्प दिए गए हैं, जिनमें एक रात के लिए 1 लाख रुपये तक के लग्जरी टेंट भी शामिल हैं।

कितना राजस्व मिलने की संभावना?

वहीं भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अनुमान के अनुसार, इस आयोजन से उत्तर प्रदेश को करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। कुछ अन्य अनुमानों में व्यापार में 4 लाख करोड़ रुपये की आय का अनुमान लगाया गया है। सरकारी अनुमानों के अनुसार, कुंभ मेले में आने वाले 40 करोड़ आगंतुकों में से प्रत्येक द्वारा 5,000 रुपये खर्च किए जाने पर इस आयोजन से 2 लाख करोड़ रुपये का व्यापार होने की संभावना है। उद्योग के अनुमानों के अनुसार, कुंभ मेले में एक व्यक्ति का औसत खर्च बढ़कर 10,000 रुपये हो सकता है।

4 लाख करोड़ की हो सकती है आय

भारतीय और दुनिया की कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट के एड को कुंभ में दिखाने के लिए हर तरह की कोशिश कर रही हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2019 में प्रयागराज में आयोजित अर्ध कुंभ मेले ने राज्य की अर्थव्यवस्था को 1.2 लाख करोड़ रुपये का लाभ पहुँचाया है। 2019 में, अर्ध कुंभ मेले में लगभग 24 करोड़ तीर्थयात्री आए थे। सीएम योगी ने कहा, “इस साल 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, महाकुंभ से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 2 लाख करोड़ से ज्यादा के जुड़ने का अनुमान है।"

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