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Maiden Pharmaceuticals: गाम्बिया में बच्चों की मौत के मामले में फंसी दवा कंपनी का खराब रहा ट्रैक रिकॉर्ड, भारत में भी हो चुकी है कार्रवाई

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 5 अक्टूबर को एक अलर्ट जारी किया था। इसमें रेगुलेशन अधिकारियों और जनता को मेडेन फार्मास्युटिकल्स के बनाए गए चार मेडिकल प्रोडक्ट की खपत को रोकने की सलाह दी गई थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 07, 2022 पर 1:42 PM
Maiden Pharmaceuticals: गाम्बिया में बच्चों की मौत के मामले में फंसी दवा कंपनी का खराब रहा ट्रैक रिकॉर्ड, भारत में भी हो चुकी है कार्रवाई
गाम्बिया में बच्चों की मौत के मामले में फंसी Maiden Pharma का खराब रहा ट्रैक रिकॉर्ड

मेडेन फार्मास्युटिकल्स (Maiden Pharmaceuticals), जो हाल ही में अपने कफ सिरप (Cough Syrup) को लेकर काफी चर्चाओं में है। उसका पिछला रिकॉर्ड भी कुछ खास अच्छा नहीं रहा है। हाल ही में सामने आया कि पिछले महीने कंपनी के खांसी और बुखार के सिरप अफ्रीकी देश द गाम्बिया (Gambia) में 60 से ज्यादा बच्चों की मौत के कारण बने। पता चला है कि वियतनाम और कम से कम तीन भारतीय राज्यों ने पहले कंपनी के खिलाफ उसकी दवाओं की खराब क्वालिटी के लिए कार्रवाई की थी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 5 अक्टूबर को एक अलर्ट जारी किया था। इसमें रेगुलेशन अधिकारियों और जनता को मेडेन फार्मास्युटिकल्स के बनाए गए चार मेडिकल प्रोडक्ट की खपत को रोकने की सलाह दी गई थी। इनक चारों सिरप की क्वालिटी घटिया पाई गई थी।

WHO ने बताया कि इन दवाओं के नाम- प्रोमेथाज़िन ओरल सॉल्यूशन, कोफ़ेक्समालिन बेबी कफ सिरप, मकॉफ़ बेबी कफ सिरप और मैग्रीप एन कोल्ड सिरप हैं। ये सभी भारत के हरियाणा में स्थित कंपनी मेडेन फार्मास्यूटिकल्स ने बनाए हैं।

कहा जाता है कि इन दवाओं ने गाम्बिया में 66 बच्चों की जान ले ली। WHO ने कहा कि चार प्रोडक्ट को अनौपचारिक बाजारों के जरिए दूसरे देशों या रीजन में भी डिस्ट्रिब्यूट किया जा सकता है।

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