Get App

मनमोहन सिंह ने काट दी थी इकोनॉमी की जंजीर, इकोनॉमी की तेज ग्रोथ का रास्ता बनाया था जिस पर इंडिया आज चल रहा

दशकों तक इकोनॉमी के जंजीरों में बंधे रहने से बुनियादी चीजों के लिए भी देशवासियों को संघर्ष करना पड़ता था। चीनी, सीमेंट, केरोसीन जैसी बुनियादी जरूरत की चीजों के लिए परमिट बनवाना पड़ता था। सरकार राशन की दुकानों के जरिए आम लोगों तक ये चीजें पहुंचाती थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 27, 2024 पर 3:28 PM
मनमोहन सिंह ने काट दी थी इकोनॉमी की जंजीर, इकोनॉमी की तेज ग्रोथ का रास्ता बनाया था जिस पर इंडिया आज चल रहा
1991 के लोकसभा चुनावों के बाद प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी। 24 जुलाई को वित्तमंत्री मनमोहन सिंह ने नई सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश किया।

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन की खबर ने हर उस व्यक्ति को मायूस कर दिया जिसने 1990 के दशक के भारत को देखा है। बतौर वित्तमंत्री सिंह ने भारत की इकोनॉमी को जंजीरों से बाहर निकाला था। आज जो भारत हम देख रहे हैं, उसमें मनमोहन सिंह का बड़ा योगदान है। उन्होंने न सिर्फ भारत की अर्थव्यवस्था के लिए तेज ग्रोथ का रास्ता तैयार किया बल्कि आम आदमी की जिंदगी को आसान बनाने की कोशिश की। इस फर्क को वही समझ सकता है, जिसने लाइसेंस राज वाले भारत को देखा है।

बुनियादी चीजों के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ता था

दशकों तक इकोनॉमी के जंजीरों में बंधे रहने से बुनियादी चीजों के लिए भी देशवासियों को संघर्ष करना पड़ता था। चीनी, सीमेंट, केरोसीन जैसी बुनियादी जरूरत की चीजों के लिए परमिट बनवाना पड़ता था। सरकार राशन की दुकानों के जरिए आम लोगों तक ये चीजें पहुंचाती थी। स्कूटर-मोटरसाइकिल हो या कारें, लोगों के पास विकल्प का अभाव था। आज स्कूटर-मोटरसाइकिल की एक दर्जन से ज्यादा देशी और विदेशी कंपनियां देशवासियों को अपने प्रोडक्ट्स बेच रही हैं। कार खरीदने वाले को कई दिन सिर्फ यह तय करने में लग जाते हैं कि मॉडल की भरमार में से कौन सा मॉडल उसके लिए सही है। इसका श्रेय मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) को जाता है।

कई सेक्टर के दरवाजे प्राइवेट कंपनियों के लिए खोले

सब समाचार

+ और भी पढ़ें