10 जनवरी 2025 को जो रोगन के साथ एक इंटरव्यू में मार्क जुकरबर्ग ने भारत को लेकर ऐसा दावा किया, जिससे Meta के भारत कार्यालय को न सिर्फ सार्वजनिक मांफी मांगनी पड़ी बल्कि ये भी साफ करना पड़ा कि जुकरबर्ग से गलती हुई। अपने इंटरव्यू में जुकरबर्ग ने कहा था कि 2024 के चुनावों में भारत समेत अधिकांश सत्तारूढ़ सरकारें शामिल हैं, वो चुनाव हार गईं। मार्क जुकरबर्ग के एक झूठे दावे ने और बवाल खड़ा कर दिया, जब उन्होने कहा कि भारत की मौजुदा सरकार Covid-19 से लड़ने की अपनी कमजोर प्रतिक्रिया के कारण चुनाव हारी। इस बयान ने तो सरकारी हलकों में हलचल मचा दी। जुकरबर्ग की पहली गलती ये कि पहला तो 290 सीटें जीतने वाले NDA को हारा हुआ करार देना किसी को हजम नहीं हुआ और दूसरा जिस कोरोना से भारत की लड़ाई कि मिसाल दुनिया देती है, उसे कमजोर बताना तो मानो आग में घी का काम कर गया।
