कोरोना के बाद अब मंकीपॉक्स (Monkeypox) के बढ़ते मामले भी डराने लगे हैं। भारत में इस बीमारी से जुड़े मामलों की संख्या 8 हो गई है। इस बीच स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) ने मंकीपॉक्स से बचाव के उपायों की एक लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में क्या करें और क्या न करें के बारे में बताया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने UAE में WHO के प्रतिनिधि को पत्र लिखकर कहा कि मंकीपॉक्स से मिलते-जुलते लक्षण वाले यात्रियों को फ्लाइट में न सवार होने दिया जाए। ताकि देश में इस बीमारी के प्रसार को रोका जा सके।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 23 जुलाई को मंकीपॉक्स के प्रकोप को देखते हुए ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा की है। दुनिया भर के 80 देशों में 20,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।
मंकीपॉक्स से बचने के लिए क्या करें
मंकीपॉक्स संक्रमित मरीज आइसोलेशन में रहें।
किसी संक्रमित व्यक्ति के आस-पास हैं तो मास्क पहनें और ग्लव्स इस्तेमाल करें।
साबुन या सेनेटाइजर से हाथ धोते रहें।
डिसइंफेक्टेंट्स का इस्तेमाल करें।
अपना तौलिया, चादर या कपड़े उनके साथ शेयर ना करें जो किसी मंकीपॉक्स मरीज के संपर्क में आए हों।
अपने कपड़े किसी भी संक्रमित व्यक्ति के कपड़ों के साथ ना धोएं।
मंकीपॉक्स के लक्षण दिखें तो किसी भी सार्वजनिक इवेंट या मीटिंग में नहीं जाएं।
लोगों को गलत सूचना के आधार पर ना डराएं।
मंकीपाक्स के मुख्य लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पीठदर्द और थकावट माने जाते हैं। रिसर्च करने वाली टीम ने जननांग, मुंह पर घावों को मंकीपाक्स वायरस के लक्षणों के रूप में पहचाना है। विशेषज्ञों के अनुसार मंकीपाक्स के कुछ पीड़ितों में पहले यही समस्या देखी गई थी। चेहरे पर दाने उभरने लगते हैं, जो शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल जाते हैं। संक्रमण के दौरान यह दाने कई बदलावों से गुजरते हैं और आखिर में चेचक की तरह ही पपड़ी बनकर गिर जाते हैं।