Monkeypox Symptoms: मंकीपॉक्स के लक्षणों में हो रहे हैं बदलाव, जानिए बचाव के तरीके

Monkeypox Symptoms: दिल्ली में मंकीपॉक्स का पहला मामला आने के बाद लोग डर गए हैं। तमाम एक्सपर्ट्स इस बात को दोहरा रहे हैं कि इस वायरस से डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना होगा

अपडेटेड Jul 25, 2022 पर 10:34 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
मंकीपॉक्स के लक्षण आम तौर पर संक्रमित होने के 6 से 13 दिनों में दिखाई दे सकते हैं।

Monkeypox Symptoms: दुनियाभर में चिंता का सबब बना मंकीपॉक्स देश में भी पैर पसार रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया है। इसके बाद लोग डरे हुए हैं। WHO ने इसे मेडिकल इमरजेंसी घोषित कर दिया है। भारत में इसके चार मामले सामने आ चुके हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे डरने की नहीं बस सतर्क रहने की जरूरत है। इस वायरस के बारे में वैज्ञानिकों के पास पर्याप्त जानकारी है।

सामान्य इलाज से ही इसके मरीज कुछ दिनों में ठीक हो जाते है। कुछ एहतियात बरतकर इसकी चपेट में आने से बचा जा सकता है। मंकीपॉक्स के लक्षण आम तौर पर संक्रमित होने के 6 से 13 दिनों में दिखाई दे सकते हैं।

कोरोना महामारी से अभी पूरी दुनिया उबर नहीं पाई थी कि मंकीपाक्स नाम के वायरस ने दुनिया को अपने चपेट में लेना शुरु कर दिया है। एक समय सिर्फ अफ्रीकी देशों तक सीमित रहा यह वायरस अब भारत समेत 75 देशों में फैल चुका है। जानकारों का मानना है कि मंकीपॉक्स कोई नया वायरस नहीं है। यह पांच दशकों से विश्व स्तर पर मौजूद है। मंकीपॉक्स के प्रकोप से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। रोगियों और उनके संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन करके और चेचक के मंजूरी प्राप्त वैक्सीन के इस्तेमाल से इस पर लगाम लगाई जा सकती है। फिलहाल समय के साथ इसके लक्षणों में भी काफी बदलाव देखे जा रहे है।

Coronavirus Updates: नए मामलों में आई गिरावट, 16,000 से ज्यादा नए केस दर्ज, 41 लोगों की मौत


मंकीपॉक्स के लक्षण

मंकीपाक्स के मुख्य लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पीठदर्द और थकावट माने जाते हैं। रिसर्च करने वाली टीम ने जननांग, मुंह पर घावों को मंकीपाक्स वायरस के लक्षणों के रूप में पहचाना है। विशेषज्ञों के अनुसार मंकीपाक्स के कुछ पीड़ितों में पहले यही समस्या देखी गई थी। चेहरे पर दाने उभरने लगते हैं, जो शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल जाते हैं। संक्रमण के दौरान यह दाने कई बदलावों से गुजरते हैं और आखिर में चेचक की तरह ही पपड़ी बनकर गिर जाते हैं।

बचाव

मास्क का इस्तेमाल करें और सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखें। विदेश यात्रा से आने पर अपनी जांच जरूर कराएं। संक्रमित के संपर्क में आने के बाद साबुन और हैंड सैनेटाइजर से हाथ अच्छे से धोएं। संक्रमित व्यक्ति के कपड़े, तौलिया इस्तेमाल करने से बचें। संक्रमित जानवर के काटने से, उसके खून, शरीर के तरल पदार्थ को छूने से बचना चाहिए।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।