Monsoon: जुलाई के शुरुआत में झमाझम बरसे बादल, मानसून में बारिश की कमी पूरी

Monsoon Update: देश के सभी इलाकों में मानसून दस्तक दे चुका है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 25 जून के बाद उत्तर भारत पश्चिम भारत समेत सभी इलाकों में मानसूनी बारिश होने लगी थी। इस बार जुलाई के शुरुआत में भारी बारिश ने कमी की भरपाई कर दी है। वहीं इसकी वजह से पूर्वोतर के राज्यों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई

अपडेटेड Jul 07, 2024 पर 11:20 AM
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Monsoon Update: आईएमडी के मुताबिक, 1 जून को मानसून सीजन शुरू होने के बाद से देश में 214.9 मिमी बारिश हुई है। जबकि सामान्य तौर पर बारिश 213.3 मिमी होती है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपने सामान्य समय से छह दिन पहले पूरे देश में दस्तक दे दिया था। जिससे दिल्ली समेत कई राज्यों में 3 जुलाई तक भारी बारिश हुई। मानसून आमतौर पर 8 जुलाई तक देशभर में पहुंच जाता है। लेकिन इस साल यह काफी तेजी से आगे बढ़ा है। भारी बारिश से अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय समेत कई राज्यों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। इस साल जुलाई के पहले हफ्ते में काफी बारिश हुई। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, जुलाई की बारिश ने जून की भरपाई कर दी है। दरअसल, जून महीने में इस साल कम बारिश हुई थी।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो-तीन दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और प्रायद्वीपीय भारत के पश्चिमी हिस्से में भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत में अगले पांच दिनों के दौरान भारी बारिश की आशंका जताई है।

जून के महीने में 11 फीसदी कम बारिश हुई थी


मौसम विभाग का कहना है कि पूरे भारत में जून के महीने में 11 फीसदी कम बारिश हुई है। जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश में 33 फीसदी की कमी दर्ज की गई। बता दें कि भारत चावल, गन्ना और गेहूं जैसी अहम फसलों के मामले में पूरी दुनिया में टॉप पर है। जुलाई के पहले हफ्ते में हुई भारी बारिश ने कमी की भरपाई कर दी है। लेकिन पूर्वोत्तर के कई राज्यों में बाढ़ आ गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से मानसून सीजन शुरू होने के बाद देश भर में 214.9 मिमी बारिश हुई। जबकि सामान्य बारिश 213.3 मिमी होती है। उत्तर-पश्चिम भारत में 3 फीसदी और दक्षिण प्रायद्वीप में 13 फीसदी बारिश हुई है। यह सामान्य से ज्यादा है।

मानसून की गति कम हो गई

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में 30 जून तक 13 फीसदी कम बारिश हुई थी, लेकिन 6 जुलाई तक बारिश से कमी की भरपाई हो गई। इसी दौरान सेंट्रल इंडिया में बारिश की कमी 14 फीसदी से घटकर 6 फीसदी हो गई है। आईएमडी के आंकड़ों से पता चला है कि देश के 23 फीसदी उप-विभागीय क्षेत्र में अत्यधिक बारिश हुई। 67 फीसदी में सामान्य बारिश हुई। सिर्फ 10 फीसदी में कम बारिश हुई।

बारिश में देरी के कारण भीषण गर्मी

पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बारिश में हुई देरी के कारण उत्तर, पश्चिम भारत में भीषण गर्मी का असर देखने को मिला था। मौसम विभाग ने शनिवार को कहा कि अगले पांच दिनों तक पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश जारी रहेगी।

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