अम्मा नहीं रहीं। बीस तारीख की रात 11 बजे के करीब उनका निधन हो गया। पिछले कुछ वर्षों से बीमार चल रही थीं, स्मृति दोष, डिमेंशिया की शिकार थीं। ये उस मजबूत इच्छा शक्ति की महिला के लिए अजीब सा था, जिसकी सक्रियता का स्तर सामान्य से ज्यादा था, शरीर से लेकर दिमागी स्तर तक। डिमेंशिया की वजह से मेरी मां के आखिरी कुछ वर्ष बिस्तर पर ही बीते, शरीर से पूरी तरह स्वस्थ होने के बावजूद। डिमेंशिया की वजह से कुछ भी याद नहीं रहा था, खाना तक भूल गई थीं वो।
