मुख्तार अंसारी की मौत के बाद पूरे UP में धारा-144 लागू, पूर्व DSP बोले- मुलायम सरकार किसी भी कीमत पर माफिया को बचाना चाहती थी
Mukhtar Ansari Death: माफिया से नेता बने मुख्तार अंसारी को गुरुवार (28 मार्च) को तबीयत बिगड़ने के बाद जिला जेल से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। समाजवादी पार्टी ने अंसारी के निधन को दुखद बताया है। बांदा जेल में बंद 63 वर्षीय अंसारी को गुरुवार शाम इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया
Mukhtar Ansari Death: गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी की मौत के बाद पूरा यूपी में हाई अलर्ट पर है
Mukhtar Ansari Death: जेल में बंद गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की बांदा के एक अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से मौत के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने शुक्रवार (29 मार्च) सुबह फिरोजाबाद और कासगंज में फ्लैग मार्च किया। वहीं, बांदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाहर भी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, जहां मुख्तार की मौत हुई। इस बीच, गाजीपुर में भारी संख्या में भीड़ गैंगस्टर-राजनेता के घर के बाहर जमा हो गई है। पुलिस पूरे मामले की कड़ी निगरानी कर रही थी। मुख्तार के बेटे उमर अंसारी ने आरोप लगाया कि 'डॉन' को "धीमा जहर दिया गया"।
उत्तर प्रदेश के DGP प्रशांत कुमार ने कहा, "कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरे राज्य में धारा-144 लागू कर दी गई है। हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं।" इसके अलावा बांदा, मऊ, गाजीपुर और वाराणसी जिलों में फोर्स की विशेष तैनाती की गई है।
रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज की ओर से गुरुवार देर रात जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया है, '"आज रात लगभग 8:25 बजे जेल कर्मी बेहोशी की हालत में दोषी/विचाराधीन कैदी मुख्तार अंसारी को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा के आकस्मिक विभाग में लाए। नौ चिकित्सकों की टीम ने मरीज को तत्काल चिकित्सा प्रदान की। परंतु भरसक प्रयासों के बावजूद दिल का दौरा पड़ने से मरीज की मौत हो गई।"
इससे पहले मंगलवार सुबह करीब चार बजे मुख्तार अंसारी को पेट दर्द, पेशाब और शौच में समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था, इलाज के बाद अंसारी को छुट्टी दे दी गई थी। गाजीपुर से बहुजन समाज पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने बताया कि उन्हें खाने में कोई जहरीला पदार्थ खिलाया गया है और ऐसा दूसरी बार हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्तार ने उन्हें बताया कि करीब 40 दिन पहले भी उन्हें जहर दिया गया था। हाल ही में शायद 19 या 22 मार्च को फिर ऐसा किया गया, जिसके बाद से उनकी हालत खराब है।
अब तक की बड़ी बातें
- मुख्तार अंसारी की मौत पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा, "लोग जो संदिग्ध मौत की बात कहते हैं, वो जांच का विषय है। जांच में सत्यता के आधार पर बयान करना चाहिए। आज के दिन विज्ञान पर भरोसा करना चाहिए। फॉरेंसिक रिपोर्ट पर ही विश्वास किया जा सकता है...किसी की मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।"
- गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी की दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत पर एसपी मऊ ने कहा कि जैसे ही हमें मुख्तार अंसारी की मौत की सूचना मिली, मऊ पुलिस ने तुरंत संवेदनशील इलाकों में जवानों को तैनात कर दिया। आज, हम हाई अलर्ट पर हैं क्योंकि शुक्रवार की नमाज भी अदा की जाएगी... कुछ अफवाहें फैल रही हैं कि क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है। मऊ में सीआरपीसी की धारा 144 पहले ही लागू कर दी गई है। एसपी ने सभी से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर विश्वास न करने की भी अपील की। उन्होंने आगे कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
- मामले के संबंध में पूर्व डीएसपी शैलेन्द्र सिंह ने मीडिया से कहा, ''20 साल पहले 2004 में मुख्तार अंसारी का साम्राज्य चरम पर था। वह उन इलाकों में खुली जीपों में घूमते थे जहां कर्फ्यू लगा हुआ था। उस समय मैंने एक लाइट मशीन गन बरामद की थी, उसके पहले या बाद में कोई बरामदगी नहीं हुई थी। मैंने उन पर पोटा भी लगाया... लेकिन मुलायम सरकार उन्हें किसी भी कीमत पर बचाना चाहती थी।' सिंह ने कहा कि अंसारी ने अधिकारियों पर दबाव डाला और आईजी-रेंज, डीआईजी और एसपी-एसटीएफ का तबादला कर दिया गया।
- उन्होंने आगे कहा, ''यहां तक कि मुझसे 15 दिनों के भीतर इस्तीफा देने को कहा गया। लेकिन मैंने अपने इस्तीफे में अपना कारण लिखा और लोगों के सामने रखा कि यह वह सरकार है जिसे आपने चुना है, जो माफियाओं को संरक्षण दे रही है और उनके आदेश पर काम कर रही है... मैं किसी पर एहसान नहीं कर रहा था। यह मेरा कर्तव्य था।"
- समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने पूछा कि क्या यूपी सरकार मुख्तार की मौत की न्यायिक जांच का आदेश देगी। उन्होंने पहले ही कोर्ट में अर्जी दाखिल कर जहर देकर अपनी हत्या की आशंका जताई थी। मौजूदा व्यवस्था में न कोई जेल में सुरक्षित है, न पुलिस हिरासत में, न अपने घर में...। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक आतंक का माहौल बनाकर लोगों को मुंह बंद रखने के लिए मजबूर किया जा रहा है। क्या मुख्तार अंसारी की कोर्ट में दी गई अर्जी के आधार पर कोई सुरक्षित है? क्या यूपी सरकार न्यायिक जांच का आदेश देगी?
- कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "आज जेल में मुख्तार अंसारी की मौत बीजेपी के नेतृत्व वाली यूपी सरकार पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है...इसकी गहन जांच होनी चाहिए ताकि सभी को पता चल सके कि क्या हो रहा है।"
- एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुख्तार अंसारी की मौत पर प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि गाजीपुर के लोगों ने "अपना पसंदीदा बेटा और भाई खो दिया"। मैं अल्लाह से प्रार्थना करता हूं कि मुख्तार अंसारी को माफ करें और उनके परिवार और उनके चाहने वालों को धैर्य प्रदान करें।'
समाजवादी पार्टी के नेता अमीके जामेई ने मुख्तार की मौत की गहन जांच की मांग की और कहा, ''हम मुख्तार अंसारी के परिवार के साथ खड़े हैं... हाल ही में उन्होंने कहा था कि उनकी कभी भी हत्या हो सकती है... उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा क्यों नहीं दी गई... हम पूरी मामले की जांच की मांग करेंगे।''