बिलियनेयर इंडस्ट्रियलिस्ट नादिर गोदरेज (Nadir Godrej) ने कहा है कि हमें 'देश को बांटना' बंद करना होगा। उन्होंने सरकार और उद्योग जगत से इसके लिए कोशिश बढ़ाने की अपील की। नादिर गोदरेज मशूहर कंपनी Godrej Industries के चेयरमैन और एमडी हैं।
बिलियनेयर इंडस्ट्रियलिस्ट नादिर गोदरेज (Nadir Godrej) ने कहा है कि हमें 'देश को बांटना' बंद करना होगा। उन्होंने सरकार और उद्योग जगत से इसके लिए कोशिश बढ़ाने की अपील की। नादिर गोदरेज मशूहर कंपनी Godrej Industries के चेयरमैन और एमडी हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा प्रदर्शन आर्थिक मोर्चे पर बहुत अच्छा है। फाइनेंशियल इनक्लूजन और एजुकेशन जैसे वेल्फेयर के कदम भी उठाए जा रहे हैं। लेकिन, देश की एकता के लिए हमें काम करने की जरूरत है।
इस हफ्ते की शुरुआत में एक बुक लॉन्च के मौके पर पीटीआई से बातचीत मे गोदरेज ने कहा, "... मेरा मानना है कि देश की एकता को बनाए रखने की कोशिश करने की जरूरत है और देश को बांटना बंद करना होगा। मुझे लगता है कि यह जरूरी है और मुझे यह लगता है कि सरकार भी यह समझती है कि ग्रोथ के लिए यह जरूरी है। हमें इस पर फोकस करना होगा।"
यह पूछने पर कि क्या इसके लिए इंडस्ट्री को भी ज्यादा कोशिश करने की जरूरत है, उन्होंने कहा, "बिल्कुल, इंडस्ट्री को भी जितना ज्यादा हो सके उतना इनक्लूसिव होने की जरूरत है। और सरकार को भी इस बारे में ज्यादा करने की जरूरत है।" गोदरेज की इस टिप्पणी को बहुत अहम माना जा रहा है, क्योंकि आम तौर पर टॉप इंडस्ट्रियलिस्ट्स सामाजिक और राजनीतिक मसलों पर बोलने से बचते हैं।
इससे पहले 2019 में दिवंगत उद्योगपति राहुल बजाज ने कहा था कि बदले की कार्रवाई के डर से इंडस्ट्रियलिस्ट्स खुलकर बोलने से बचते हैं। नादिर गोदरेज के बड़े भाई आदि गोदरेज ने भी 2019 में कहा था कि बढ़ती असहिष्णुत और हेट क्राइम की वजह से ग्रोथ पर गंभीर असर पड़ सकता है। आदि गोदरेज गोदरेज इंडस्ट्रीज के चेयरमैन रह चुके हैं।
नादिर गोदरेज ने एक कविता के रूप में अपनी बात सामने रखी। इस कविता में कई मसलों को छुआ गया था। उन्होंने कहा कि वह चाहेंगे कि लोग खुलकर अपनी बातें कहें और सरकार के लंबे हाथ विरोध करने वाली आवाज को कुचल नहीं सकें। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हमें इसकी गुंजाइश बनाने की जरूरत है जिसमें लोग खुलकर बहस कर सकें, जहां विचारों की जीत हों, क्योंकि वे सहीं हैं और उनके पीछे कोई ताकत नहीं है।
गोदरेज ने कहा कि हमारे विचार मानवतावादी होने चाहिए। हमारे लिए खुशियां मनाने की कई वजहें हैं, लेकिन कई बार हमें डर लगता है कि चीजें सही दिशा में नहीं जा रही हैं और हम पीछे जा रहे हैं। हमें मजबूत संस्थाओं की जरूरत है। उन्हें बनाने में लंबा वक्त लगता है, जबकि उन्हें तोड़ने में समय नहीं लगता। बिजनेसेज को भी यह समझना होगा कि सिर्फ प्रॉफिट कमाना हमारा मकसद नहीं होना चाहिए। हमें सामाजिक अधिकार और आर्थिक ग्रोथ के लिए भी काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा असमानता खतरनाक है और यह बढ़ रही हैष
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