Netaji Subhas Chandra Bose: इंडिया गेट पर लगेगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 'भव्य प्रतिमा', PM मोदी ने किया ऐलान

PM मोदी 23 जनवरी को नेताजी की जयंती के अवसर पर प्रतिमा का लोकार्पण करेंगे

अपडेटेड Jan 21, 2022 पर 2:14 PM
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Netaji Subhas Chandra Bose की ग्रेनाइट की बनी 'भव्य प्रतिमा' लगाई जाएगी

Netaji Subhas Chandra Bose 125th birth anniversary: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इंडिया गेट (India Gate) पर महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhas Chandra Bose) की ग्रेनाइट की बनी एक भव्य प्रतिमा लगाई जाएगी। प्रधानमंत्री की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब इंडिया गेट पर स्थित अमर जवान ज्योति (Amar Jawan Jyoti) की लौ को नेशनल वॉर मेमोरियल (National War Memorial) पर जल रही लौ के साथ विलय किए जाने को लेकर केंद्र सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘ऐसे समय में जब देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है, मुझे आपसे यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि ग्रेनाइट की बनी उनकी एक भव्य प्रतिमा इंडिया गेट पर स्थापित की जाएगी। यह उनके प्रति देश के आभार का प्रतीक होगा।’’

पीएम मोदी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि जब तक नेताजी की ग्रेनाइट की प्रतिमा बनकर तैयार नहीं हो जाती तब तक उस स्थान पर उनका एक होलोग्राम प्रतिमा वहीं लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस होलोग्राम प्रतिमा का वह 23 जनवरी को नेताजी की जयंती के अवसर पर लोकार्पण करेंगे।


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बता दें कि अभी हाल ही में पिछले दिनों मोदी सरकार ने फैसला किया था कि गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत अब हर साल 24 जनवरी के बजाय 23 जनवरी को होगी। स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को इन समारोहों में शामिल किया गया है। इससे पहले बोस की जयंती को 'पराक्रम दिवस' के रूप में मनाने की शुरुआत की गई थी।

प्रधानमंत्री का यह बड़ा ऐलान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों द्वारा सरकार पर विकास और पुनर्निर्माण के नाम पर ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाने का आरोप लगाया जाता रहा है। इस कड़ी में ताजा मामला इंडिया गेट पर स्थित अमर जवान ज्योति की लौ को नेशनल वॉर मेमोरियल पर जल रही लौ के साथ विलय किए जाने का है।

विपक्षी दलों ने कहा है कि यह कदम सैनिकों के बलिदान के इतिहास को मिटाने की तरह है। हालांकि, सरकार के सूत्रों ने कहा कि अमर जवान ज्योति की लौ बुझ नहीं रही है। इसे नेशनल वॉर मेमोरियल के ज्वाला में मिला दिया जा रहा है। ये अजीब बात थी कि अमर जवान ज्योति की लौ ने 1971 और अन्य युद्धों में जान गंवाने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी, लेकिन उनका कोई भी नाम वहां मौजूद नहीं है।

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