अमेरिका में बैठे सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannun) की हत्या के लिए एक सरकारी अधिकारी के साथ साजिश रचने के आरोपी निखिल गुप्ता (Nikhil Gupta) की तरफ से सुप्रीम कोर्ट (SC) में बंदी प्रत्यक्षीकरण दायर किया गया है। उनके परिवार की तरफ से ये याचिका दायर की गई है, जिसमें अमेरिका की तरह प्रत्यर्पण कार्यवाही में भारत सरकार के हस्तक्षेप की मांग की गई है। Live Law की रिपोर्ट के अनुसार, याचिका में चेक गणराज्य की जेल से गुप्ता की रिहाई के लिए भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
US फेडरल प्रॉसिक्यूटर ने पिछले महीने निखिल गुप्ता पर एक अमेरिकी और कनाडाई नागरिक सिख चरमपंथी गुरपतवंत सिंह पन्नू को मारने की नाकाम साजिश रचने का आरोप लगाया था। उन पर एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के साथ मिलकर काम करने का भी आरोप लगाया था।
अभियोग में भारतीय नागरिक के साथ एक अनाम भारतीय अधिकारी भी शामिल हुआ, जिस पर न्याय विभाग का आरोप है कि उसने पन्नू की हत्या के लिए अमेरिका में किसी को हायर किया था।
India Today ने बताया कि चेक गणराज्य के न्याय मंत्रालय ने निखिल गुप्ता की गिरफ्तारी और प्रोविजनल कस्टडी की पुष्टि की है। ये कार्रवाई अमेरिका के आदेश पर की गई।
चेक न्याय मंत्रालय के प्रवक्ता व्लादिमीर रेपका ने कहा कि गुप्ता को अमेरिका के अनुरोध पर गिरफ्तार किया गया था। US ने बाद में उनके प्रत्यर्पण अनुरोध पेश किया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गुप्ता के खिलाफ भाड़े पर हत्या की साजिश रचने का आरोप शामिल है, जैसा कि अमेरिकी अधिकारियों ने विस्तार से बताया है।
भारत ने अमेरिका की तरफ से भारतीय अधिकारी को पन्नू की हत्या की साजिश रचने वाले व्यक्ति से जोड़ने को "चिंता का विषय" बताया है और कहा है कि आरोपों की जांच करने वाले जांच पैनल के निष्कर्षों के आधार पर अनुवर्ती कार्रवाई की जाएगी।