"विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाला कोई भी खिलाड़ी अपने देश के लिए पदक जीतने की उम्मीद करता है", IAS अधिकारी सुहास लालिनाकेरे यतिराज (Suhas LY), जो टोक्यो पैरालिंपिक (Tokyo Paralympics) में पैरा-बैडमिंटन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, उन्होंने शनिवार को ये बात कही। सुहाल एलवाई गौतमबुद्ध नगर के जिला अधिकारी हैं, जो SL 4 कैटेगरी के विश्व के तीसरे नंबर के पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।
सुहास ने कहा कि उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी प्रशासनिक सेवा है। Covid-19 महामारी के दौरान वह जनपद वासियों की सेवा में हरसंभव तत्पर रहेंगे और इन खेलों के लिए रात के वक्त अपना अभ्यास जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा, "पैरा ओलंपिक में पदक लाना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन मैं विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान का खिलाड़ी हूं, जिसकी वजह से पदक जीतने को लेकर मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है।"
उन्होंने इस दौरान कहा, "मैं देश के सभी माता पिता से अपील करता हूं कि वे अपने दिव्यांग बच्चों का काफी ध्यान रखें। उन्हें खेल-कूद, पढ़ाई या वे जो भी करना चाहते हैं उसमें उनका सपोर्ट करें। मेरे दिवंगत पिता ने मुझ पर भरोसा किया, जिसके कारण आज मैं खेलों में देश का प्रतिनिधित्व कर पा रहा हूं।"
उन्होंने कहा, "देश सुहास एलवाई से स्वर्ण चाहता है। ऐसे में उन्हें अब प्रैक्टिस पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।" इससे पहले खेल की संचालन संस्था BWF ने शुक्रवार को भारत को द्विपक्षीय कोटा प्रदान किया, जिससे सुहास और मनोज सरकार ने पैरालंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई कर लिया। इससे बैडमिंटन का सात सदस्यीय दल पैरालंपिक में हिस्सा लेगा।
सुहास 2007 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। उन्होंने कहा, "मैं भगवत गीता के उपदेशों में विश्वास करता हूं। कर्म करो, फल मिलेगा। मैं खुद को किसी दबाव में नहीं डाल रहा हूं। अगर भगवान मुझे इस स्तर पर लाए हैं, तो मैं भी अपने सारे प्रयास करने जा रहा हूं।"
सुहास पहले इलाहाबाद और आजमगढ़ सहित उत्तर प्रदेश के लगभग आधा दर्जन जिलों में जिला मजिस्ट्रेट के रूप में काम कर चुके हैं और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भाग ले चुके हैं।