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ओडिशा ट्रेन हादसा: 20 साल में तीन बार पटरी से उतर चुकी है कोरोमंडल एक्सप्रेस, शुक्रवार के दिन ही हुए सभी हादसे, 288 पहुंचा मौत का आंकड़ा

कोरोमंडल एक्सप्रेस (Coromandel Express) अब तक तीन बार- 2002, 2009 और 2023 में पटरी से उतर चुकी है। वो बात और है कि भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने पहले दो हादसों से कोई सबक नहीं सीखा और वर्तमान में हुई दुर्घटना को अब तक की सबसे घातक साबित हुई। हैरान की बात ये है कि तीनों दुर्घटनाएं शुक्रवार के दिन ही हुईं, तीनों ट्रेनें चेन्नई जा रही थीं और इनमें से दो हादसे ओडिशा में ही हुए

Curated By: Shubham Sharmaअपडेटेड Jun 03, 2023 पर 6:25 PM
ओडिशा ट्रेन हादसा: 20 साल में तीन बार पटरी से उतर चुकी है कोरोमंडल एक्सप्रेस, शुक्रवार के दिन ही हुए सभी हादसे, 288 पहुंचा मौत का आंकड़ा
बालासोर में कोरोमंडल एक्सप्रेस, बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद बचाव अभियान जारी है (PHOTO-PTI)

आजादी के बाद ओडिशा ट्रेन हादसे (Odisha Train Accident) को अब तक की सबसे बड़ी दुर्घटना बताया जा रहा है, लेकिन इसके अलावा एक जानकारी ये भी है कि हादसे का शिकार हुई, कोरोमंडल एक्सप्रेस (Coromandel Express) अब तक तीन बार- 2002, 2009 और 2023 में पटरी से उतर चुकी है। वो बात और है कि भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने पहले दो हादसों से कोई सबक नहीं सीखा और वर्तमान में हुई दुर्घटना को अब तक की सबसे घातक साबित हुई। हैरानी की बात ये है कि तीनों दुर्घटनाएं शुक्रवार के दिन ही हुईं, तीनों ट्रेनें चेन्नई जा रही थीं और इनमें से दो हादसे ओडिशा में ही हुए।

2002 में, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के बीच चलने वाली ट्रेन 15 मार्च को आंध्र प्रदेश में नेल्लोर के पास पटरी से उतर गई थी। चेन्नई जाने वाली इस ट्रेन के कम से कम आठ डिब्बे क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, उस घटना में किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन करीब 100 लोग घायल हो गए। उस समय नेल्लोर में मेन रेल ट्रैक की खराबी के कारण ये हादसा हुआ था।

2009 में, 13 फरवरी की शाम को हुई दुर्घटना में कम से कम 16 यात्रियों की मौत हो गई थी और लगभग 200 घायल हो गए थे। ओडिशा के जाजपुर जिले में पटरी बदलते समय कुल 13 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। ट्रेन तेज रफ्तार से चल रही थी और जाजपुर रोड रेलवे स्टेशन से गुजरते ही उसका इंजन पलट गया था।

वर्तमान में ये हादसा, 2009 में हुई दुर्घटना वाली जगह से करीब 100 Km की दूरी पर हुआ। इस बार घटना की चपेट में दो और ट्रेनें भी आईं और 280 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।

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