Odisha Train Accident: जब चक्रवात में बह गई थी ट्रेन, नदी में समा गई ट्रेन, जानिए आजादी के कब-कब हुए बड़े रेल हादसे

Odisha Train Accident: ओडिशा में रेल हादसा भारत में आजादी के बाद सबसे बड़ी रेल दुर्घटनाओं में से एक है। जिसमें कम से 238 लोगों की मौत हो गई है और 900 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। हम आपको कुछ ऐसी घटनाओं के बारे में बता रहे हैं, जब एक ट्रेन बिहार में नदी में समा गई थी

अपडेटेड Jun 03, 2023 पर 1:19 PM
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Odisha Train Accident: भारत में पिछले कई दशकों में कई बड़े रेल हादसे हुए हैं। जिनमें हजारों लोगों की मौत हो चुकी है।

Odisha Train Accident: ओडिशा के बालासोर में हुए बड़े ट्रेन हादसे ने अब तक 238 लोगों की जिंदगी छीन ली है। इस हादसे में 900 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। यहां बहनागा स्टेशन के पास बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस (Bengaluru-Howrah Superfast Express), शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस (Shalimar-Chennai Central Coromandel Express) और मालगाड़ी के बीच टक्कर हुई। कोरोमंडल एक्सप्रेस पश्चिम बंगाल में कोलकाता के हावड़ा स्टेशन और तमिलनाडु के चेन्नई के बीच चलती है। इस हादसे की सूचना मिलने के बाद हर कोई हैरान है कि आखिर एक ही जगह पर तीन ट्रेनें कैसे हादसे की शिकार हो गई? इस हादसे को लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर गहरा शोक प्रकट किया गया। मुआवजे का ऐलान भी किया जा चुका है।

कोरोमंडल रेल के पटरी से उतरने (Coromandel Express Train Accident) के बाद हुई ये दुर्घटना, देश में आजादी के बाद से इस तरह की सबसे घातक दुर्घटनाओं में से एक है। ओडिशा के बालासोर में भयानक ट्रेन दुर्घटना के बाद गोवा-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस का समारोह रद्द कर दिया गया। रेल दुर्घटना के बाद ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने एक दिन के राजकीय शोक का आदेश दिया है। आइए भारतीय इतिहास के सबसे घातक ट्रेन हादसों पर एक नजर डालते हैं।

आजादी के बाद बड़े हादसे


बिहार की नदी में समा गई ट्रेन (6 जून, 1981)

6 जून 1981 को देश में सबसे बड़ी रेल दुर्घटना हुई थी। इस तारीख को बिहार में पुल पार करते समय एक ट्रेन बागमती (Bagmati) नदी में गिर गई थी। जिसमें 750 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

20 अगस्त, 1995

20 अगस्त 1955 को फिरोजाबाद के पास पुरुषोत्तम एक्सप्रेस (Purushottam Express) खड़ी कालिंदी एक्सप्रेस (Kalindi Express) से टकरा गई थी। इस घटना में 305 लोगों की मौत हुई थी।

26 नवंबर, 1998

इस दिन जम्मू तवी-सियालदह एक्सप्रेस (Jammu Tawi-Sealdah Express) पंजाब के खन्ना में फ्रंटियर गोल्डन टेंपल मेल (Frontier Golden Temple Mail) के पटरी से उतरे तीन डिब्बों से टकरा गई थी। जिसमें 212 लोगों की मौत हो गई थी।

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2 अगस्त 1999

2 अगस्त, 1999 को गैसल ट्रेन (Gaisal train) दुर्घटना हुई थी। इस हादसे में ब्रह्मपुत्र मेल उत्तर सीमांत रेलवे (North Frontier Railway) के कटिहार डिवीजन के गैसल स्टेशन पर अवध असम एक्सप्रेस से टकरा गई थी। इस दुर्घटना में 285 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इसमें 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। पीड़ितों में सेना, BSF और CRF के जवान शामिल थे।

20 नवंबर 2016

20 नवंबर, 2016 को पुखरायां ट्रेन (Pukhrayan train) पटरी से उतर गई थी। इंदौर-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस के 14 डिब्बे कानपुर से लगभग 60 किलोमीटर दूर पुखरायां में पटरी से उतर गए। इस हादसे में 152 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें 260 घायल हो गए थे।

9 सितंबर 2002 - रफीगंज ट्रेन हादसा

9 सितंबर, 2002 को हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस (Howrah Rajdhani Express) रफीगंज में धावे नदी पर एक पुल के ऊपर पटरी से उतर गई थी। जिसमें 140 से अधिक लोगों की मौत हो गई। कहा जा रहा है कि यह घटना आतंकियों को तोड़फोड़ की वजह से हुई थी।

28 मई 2010

28 मई 2010 को जनेश्वरी एक्सप्रेस (Jnaneswari Express) ट्रेन पटरी से उतर गई थी। मुंबई जाने वाली ट्रेन झारग्राम के पास पटरी से उतर गई थी। फिर एक मालगाड़ी से टकरा गई थी। जिससे 148 यात्रियों की मौत हो गई थी।

23 दिसंबर 1964

23 दिसंबर, 1964 को पंबन-धनुस्कोडि पैसेंजर ट्रेन (Pamban-Dhanuskodi passenger Train) रामेश्वरम चक्रवात (Rameswaram cyclone) का शिकार हो गई थी। जिससे ट्रेन मे सवार 126 से अधिक यात्रियों की मौत हो गई।

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