Old Pension Scheme: मनोहर लाल खट्टर बोले- पुरानी पेंशन योजना लागू हुई तो 2030 तक दिवालिया हो जाएगा भारत

Old Pension Scheme: सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा, "कल मुझे WhatsApp पर एक मैसेज मिला जिसमें केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि यदि पुरानी पेंशन योजना को लागू की जाती है तो देश 2030 तक दिवालिया हो जाएगा।" हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी कुछ कांग्रेस शासित राज्यों द्वारा पुरानी पेंशन योजना को लागू करने पर चेतावनी दी थी। हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे कुछ राज्यों ने इसे लागू कर दिया है

अपडेटेड Feb 03, 2023 पर 10:59 AM
Old Pension Scheme: सीएम ने कहा कि 2006 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी पुरानी पेंशन योजना का विरोध किया था

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) ने एक 'WhatsApp' मैसेज का हवाला देते हुए गुरुवार को पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme- OPS) की कमियों के बारे में बात की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे WhatsApp पर एक मैसेज मिला, जिसमें केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि अगर पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू होती है तो देश 2030 तक दिवालिया हो जाएगा। खट्टर ने आगे कहा कि 2006 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी पुरानी पेंशन योजना का विरोध किया था।

खट्टर ने कहा, "मनमोहन सिंह एक महान अर्थशास्त्री हैं और उन्होंने 2006 में कहा था कि पुरानी पेंशन योजना भारत को पिछड़ा बना देगी, क्योंकि इस योजना का दृष्टिकोण अदूरदर्शी है।" समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फेंस में सीएम ने कहा, "कल मुझे व्हाट्सएप पर एक मैसेज मिला जिसमें केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि यदि पुरानी पेंशन योजना को लागू की जाती है तो देश 2030 तक दिवालिया हो जाएगा।"

RBI ने भी दी थी चेतावनी


बता दें कि हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी कुछ कांग्रेस शासित राज्यों द्वारा पुरानी पेंशन योजना को लागू करने पर चेतावनी दी थी। RBI ने स्टेट फाइनेंस पर अपनी ताजा रिपोर्ट में पुरानी पेंशन योजना के बारे में कहा था, 'राजकोषीय संसाधनों में वार्षिक बचत जो इस कदम पर जोर देती है, वह अल्पकालिक है। वर्तमान के खर्चों को भविष्य के लिए स्थगित करके राज्य आने वाले वर्षों में अनफंडेड पेंशन देनदारियों का जोखिम उठा रहे हैं।'

कांग्रेस शासित राज्यों ने पुरानी पेंशन को किया बहाल

बता दें कि देश में कई राज्य सरकारें अपने यहां पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की प्लानिंग कर रही हैं। हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे कुछ राज्यों ने तो इसे लागू भी कर दिया है। जिसमें रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को मासिक पेंशन के रूप में आखिरी सैलरी का 50 फीसदी देने का वादा किया गया है।

आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने भी 18 नवंबर, 2022 को भी राज्य सरकार के उन कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन के कार्यान्वयन के संबंध में एक अधिसूचना जारी की थी, जो वर्तमान में एनपीएस के तहत कवर किए जा रहे हैं।

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पुरानी पेंशन योजना के तहत कर्मचारियों को निर्धारित पेंशन मिलती है। कई अर्थशास्त्रियों ने भी ओपीएस की ओर लौटने पर चिंता जताते हुए कहा है कि इससे राज्यों की वित्तीय स्थिति पर दबाव पड़ेगा। तत्कालीन योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने हाल ही में ओपीएस को वापस लाने के खिलाफ बोलते हुए कहा था कि यह सबसे बड़े 'रेवड़ियों' में से एक है।

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