Covid 4th Wave: दुनियाभर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। भारत में भी अब इसके कई मामले नजर आ रहे हैं। देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले कई दिनों से कोरोना के मामलों में उछाल देखने को मिल रहा है। ऐसे में कोरोना वायरस की चौथी लहर आने की आशंका जताई जा रही है। जो लोग पहले से ही किसी बीमारी से पीड़ित हैं या जिनका इम्युनिटी सिस्टम कमजोर है। उनके ऊपर कोरोना वायरस का खतरा सबसे ज्यादा मंडरा रहा है।
इस बार कोरोना वायरस वैक्सीन लगवा चुके लोगों को भी नहीं छोड़ रहा है। वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके लोगों में गंभीर जोखिम भले ही कम हो जाता है, लेकिन इससे पूरी तरह बचाव संभव नहीं है। इस बार ओमीक्रोन और उसके सब वेरिएंट कहर बरपा रहे हैं।
पिछले महीने कोरोना वायरस से जुड़ी पाबंदियों को हटाया जा रहा था, लेकिन जल्द ही कई शहरों में दोबारा कई तरह की पाबंदियां लगा दी गईं। इस बार ओमीक्रोन और उसके सब वेरिएंट कहर बरपा रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कोरोना के सभी मामलों में 30 फीसदी लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं दिखते हैं। कोरोना के आम लक्षणों में बुखार, सूखी खांसी, थकान, सिरदर्द, गले में खराश, नाक बहना, शरीर में दर्द, गंध और स्वाद की कमी और स्किन की समस्याएं शामिल हैं। कोरोना की इस चौथी लहर को देखते हुए जानते हैं कि किन लोगों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
इन लोगों को कोरोना संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा
कई स्टडी से इस बात का पता चला है कि हृदय संबंधित बीमारियों से पीड़ित लोगों को कोरोना का खतरा ज्यादा रहता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, कोरोना का यह वायरस दिल के दौरे का खतरा बढ़ा सकती है।
पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों को खतरा
आपकी उम्र चाहे जो भी हो। अगर आप पहले से किसी बीमारी से पीड़ित हैं, तो कोरोना का जोखिम बढ़ जाता है। कई रोग जैसे डायबिटीज, कैंसर, अस्थमा, किडनी की बीमारी या लिवर से जुड़ी बीमारी है तो उनमें कोरोना का खतरा ज्यादा होता है।
बुजुर्गों को कोरोना का खतरा ज्यादा
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों में कोरोना का खतरा काफी ज्यादा होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि 60 साल की उम्र के बाद लोगों का इम्यून सिस्टम काफी कमजोर हो जाता है और उन्हें कई तरह की बीमारियों का सामना भी करना पड़ता है।
मोटापे से पीड़ित लोगों को खतरा
कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि मोटापे से पीड़ित लोगों को कोरोना संक्रमण का खतरा काफी ज्यादा होता है। इसके पीछे का कारण यह है कि मोटापे से ग्रस्त लोगों का इम्यून सिस्टम काफी कमजोर होता है। जिस कारण वह संक्रमण की चपेट में जल्दी आते हैं।