भारत में कोरोना के XE वेरिएंट (XE Variant) से एक व्यक्ति के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इंडियन सार्स-CoV2 जीनोमिक्स सीक्वेंसिंग कंसोर्टियम (INSACOG) ने मंगलवार को अपने बुलेटिन में यह जानकारी दी। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि संक्रमित व्यक्ति देश के किस राज्य या शहर का है। INSACOG, सरकार द्वारा स्थापित नेशनल टेस्टिंग लैबोरेट्रीज का एक नेटवर्क है।
INSACOG ने अपने हालिया बुलेटिन में कहा कि भारत में फिलहाल सबसे ज्यादा केस ओमिक्रोन के BA.2 वेरिएंट (Omicron BA.2) के पाए जा रहे हैं। इसने कहा, "पिछले हफ्ते के मुकाबले इस हफ्ते 12 राज्यों में मामले बढ़े हैं, जबकि 19 राज्यों में केस घटे हैं।" बुलेटिन में यह भी कहा गया रिकॉम्बिनेशन वाले वेरिएंट (XE Variant) को लेकर फिलहाल स्टडी जारी है।
बुलेटिन में कहा गया, "अभी तक ओमिक्रोन वेरिएंट के कई सब-वेरिएंट की पहचान हो चुकी है, जिनसे लोग संक्रमित हो रहे हैं। इनमें BA.2.10 और BA.2.12 को BA.2 वेरिएंट का ही रूप वैज्ञानिकों ने कहा है। फिलहाल इन वेरिएंट से बीमारी की गंभीरता बढ़ने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।"
XE वेरिएंट कितना संक्रामक है?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ओमिक्रोन के BA.2 वेरिएंट को अधिक संक्रामक माना जाता है और जनवरी की शुरुआत में भारत में इसके चलते तीसरी लहर देखी गई थी। हालांकि XE वेरिएंट, इस BA.2 वेरिएंट से भी 10 गुना अधिक संक्रामक है। हालांकि अभी तक XE वेरिएंट का कोई क्लस्टर गठन नहीं देखा गया है।
XE वेरिएंट एक “रिकॉम्बिनेंट” है। इसका मतलब है कि इसमें BA.1 के साथ-साथ Omicron के BA.2 वेरिएंट में पाए जाने वाले म्यूटेशन शामिल हैं, और इसे पहली बार ब्रिटेन में जनवरी में पाया गया था। वायरस और अन्य जीवों में जेनेटिक म्यूटेशन एक सामान्य घटना है। लेकिन इन जेनेटिक म्यूटेशन का केवल एक छोटा सा अंश ही वायरस के संक्रमित करने की शक्ति, या गंभीर बीमारियों का कारण बनने की क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बदल देता है।
INSACOG के साप्ताहिक बुलेटिन में XE वेरिएंट की पुष्टि ऐसे समय में हुई है, जब 12 राज्यों में कोविड के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे मास्क अनिवार्य हो गया है। इस बीच, 25 अप्रैल तक के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 19 अन्य राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में गिरावट आई है।