PM Modi Interview: 'इंटरनेशनल इवेंट की मेजबानी अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं, परंपराओं से आगे बढ़ा भारत'

PM Modi Interview: Moneycontrol के साथ खास बातचीत में नरेंद्र मोदी ने कहा, “ये सुविधा या लोगों में विश्वास की कमी के कारण हो सकता है। हमने ये भी देखा है कि कैसे विदेशी नेताओं की यात्राएं भी मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजधानी या कुछ दूसरी जगहों तक ही सीमित रहती थीं” लोगों की क्षमताओं और भारत की अद्भुत विविधता को देखने के बाद, नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने एक अलग नजरिया विकसित किया है

अपडेटेड Sep 06, 2023 पर 2:00 PM
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PM Modi Interview: 'इंटरनेशनल इवेंट की मेजबानी अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं

PM Modi Interview: देश भर में आयोजित होने वाले G20 कार्यक्रमों के साथ, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि पहले दिल्ली से अलग राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बैठकों की मेजबानी के बारे में सोचना भी मुश्किल था। प्रधानमंत्री G20 के लोकतंत्रीकरण पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे, जो इस साल भारत में आयोजित किया जा रहा है। पुरानी परंपराओं को तोड़ते हुए, कश्मीर समेत देश भर के कई शहरों में G20 के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

Moneycontrol के साथ खास बातचीत में नरेंद्र मोदी ने कहा, “ये सुविधा या लोगों में विश्वास की कमी के कारण हो सकता है। हमने ये भी देखा है कि कैसे विदेशी नेताओं की यात्राएं भी मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजधानी या कुछ दूसरी जगहों तक ही सीमित रहती थीं।”

लोगों की क्षमताओं और भारत की अद्भुत विविधता को देखने के बाद, नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने एक अलग नजरिया विकसित किया है और उनकी सरकार ने पहले दिन से ही दृष्टिकोण को बदलने पर काम किया है।


PM मोदी ने कहा, "मैंने देश भर में वैश्विक नेताओं के साथ कई कार्यक्रमों की मेजबानी की है। मैं कुछ उदाहरण पेश करना चाहता हूं। बेंगलुरु में तत्कालीन जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल की मेजबानी की गई थी। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और तत्कालीन जापानी प्रधान मंत्री शिंजो आबे ने वाराणसी का दौरा किया। पुर्तगाली राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूसा की गोवा और मुंबई में मेजबानी की गई। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शांतिनिकेतन का दौरा किया।"

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद भी चंडीगढ़ आए थे। पीएम मोदी ने कहा, "कई वैश्विक बैठकें दिल्ली के बाहर अलग-अलग जगहों पर भी आयोजित की गई हैं। वैश्विक ग्लोबल एंटरप्रेन्योरशिप समिट हैदराबाद में आयोजित किया गया था। भारत ने गोवा में BRICS शिखर सम्मेलन और जयपुर में फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कॉर्पोरेशन शिखर सम्मेलन की मेजबानी की।"

पीएम मोदी ने कहा कि वह कई उदाहरण दे सकते हैं और एक पैटर्न देखा जा सकता है कि पुराने चलन में एक बड़ा बदलाव आया है।

PM Modi Interview: वैश्विक संबंधों में भी मार्गदर्शक सिद्धांत है- सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास

PM मोदी ने कहा, “भले ही हमारे विशाल राष्ट्र में विविधता है, फिर भी एक चीज थी, जो मैंने पूरे देश में एक बराबर देखी। हर क्षेत्र और समाज के हर वर्ग के लोगों में 'कर सकते हैं' की भावना थी। उन्होंने बड़ी कुशलता से चुनौतियों का सामना किया। मुश्किल परिस्थितियों में भी उनमें गजब का आत्मविश्वास था। उन्हें बस एक ऐसे मंच की जरूरत थी, जो उन्हें सशक्त बनाए।"

भारत की G20 अध्यक्षता के आखिर तक, सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के 60 शहरों में 220 से ज्यादा बैठकें हो चुकी होंगी और लगभग 1 लाख से ज्यादा प्रतिभागी ने भारत का दौरा कर लिया होगा। भारत में 1.5 करोड़ से ज्यादा व्यक्ति इन कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं या उनके अलग-अलग पहलुओं से अवगत हुए हैं।

उन्होंने कहा, “इस तरह के पैमाने की बैठकें आयोजित करना और विदेशी प्रतिनिधियों की मेजबानी करना एक ऐसी कोशिश है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक, कम्युनिकेशन स्किल, आतिथ्य और सांस्कृतिक गतिविधियों के मामले में महान क्षमता निर्माण की मांग करता है। G20 प्रेसीडेंसी का हमारा लोकतंत्रीकरण देश भर के अलग-अलग शहरों के लोगों, खासकर युवाओं की क्षमता निर्माण में हमारा निवेश है।"

उन्होंने ये भी कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 9 सालों में देश में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के दृष्टिकोण का पालन किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “वैश्विक संबंधों में भी यही हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत है। जब हमने G20 के लिए अपना एजेंडा रखा, तो इसका सभी पक्षों की तरफ से से स्वागत किया गया, क्योंकि हर कोई जानता था कि हम वैश्विक मुद्दों के समाधान खोजने में मदद के लिए अपना सक्रिय और सकारात्मक दृष्टिकोण लाएंगे।”

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