भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर झूठ बोलने और विज्ञापनों पर बड़ी धनराशि खर्च करने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने मुफ्त की राजनीति पर सीएम केजरीवाल के लगाए आरोपों का जवाब दिया है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि सीएम केजरीवाल ने एक योजना पर लगभग 19 करोड़ रुपये खर्च किए। जबकि योजना के तहत दिल्ली सरकार ने सिर्फ दो छात्रों को लोन दिया, जो कि 20 लाख रुपए था।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि अरविंद केजरीवाल का मकसद केवल आम आदमी पार्टी और अपने वजूद को बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि अपनी महत्वकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री केजरीवाल हर दिन झूठ बोलते हैं और केवल प्रचार पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
एक उदाहरण देते हुए संबित पात्रा ने दावा किया कि दिल्ली सरकार उच्च शिक्षा कौशल विकास गारंटी नाम की एक योजना लाई है। इस योजना का मकसद था कि सरकार बिना गारंटी बच्चों को 10 लाख तक का कर्ज देगी।
पात्रा ने दावा किया कि इस योजना का जोर-शोर से प्रचार किया गया और उसपर 19 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च किए गए। जबकि इस योजना के लिए 21-22 में 89 आवेदन प्राप्त हुए और केवल दो बच्चों को 20 लाख का लोन दिया गया। यानी इनती बड़ी धनराशी खर्च कर जिस योजना का प्रचार किया उसके केवल दो लाभार्थी हैं।
पात्रा के अलावा बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी एक ट्वीट में लिखा, "दिल्ली सरकार 2015 से “दिल्ली उच्च शिक्षा और कौशल विकास गारंटी योजना” चला रही है। इसमें एक छात्र को 10 लाख रुपए तक का लोन मिलता है, जिसकी गारंटी सरकार लेती है। वित्त वर्ष 2021-22 में दो छात्रों को ही लोन मिला। वहीं इस साल अरविंद केजरीवाल ने इसके विज्ञापन पर 19 करोड़ रुपए खर्च किए।"
बीजेपी नेता ने केजरीवाल पर पलटवार करते हुए कहा कि दिल्ली के सीएम ने दावा किया है कि कॉरपोरेट्स पर एहसान किया जा रहा है। जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में 6.63 लाख करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2021-22 में महामारी के बावजूद 7.1 लाख करोड़ रुपये कॉरपोरेट टैक्स वसूला गया।
उन्होंने आगे कहा कि केजरीवाल जी ऐसी एक्टिंग करते हैं कि उन्हें सबकी चिंता है। जबकि उन्हें मैं, मेरा और मेरी पार्टी की चिंता है। वहीं बीजेपी और मोदी सरकार की चिता गरीब और गरीब कल्याण है। फिलहाल, बीजेपी के आरोपों पर आम आदमी पार्टी की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।