संसद (Parliament) के आगामी विशेष सत्र (Special Session) के लिए अपनी संयुक्त रणनीति पर चर्चा करने के लिए INDIA गुट के विपक्षी सांसद 5 सितंबर को मिलेंगे। इस बैठक का एजेंडा अभी सामने नहीं आया है। न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि लोकसभा (Lok Sabha) और राज्यसभा (Rajya Sabha) दोनों में विपक्षी गठबंधन के सांसद 18 से 22 सितंबर तक चलने वाले सत्र के लिए अपनी संयुक्त रणनीति तैयार करने के लिए बैठक करेंगे। उन्होंने बताया कि बैठक मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने दिल्ली में राजाजी मार्ग स्थित अपने आवास पर बुलाई है।
कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 5 सितंबर को कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह की बैठक बुलाई है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "खड़गे जी ने समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों के सांसदों की एक बैठक भी बुलाई है।" उन्होंने कहा कि बैठक में आगामी सत्र के एजेंडे पर चर्चा की जाएगी।
वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार को संगठनात्मक मुद्दों और वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए खड़गे से उनके आवास पर मुलाकात की।
विपक्षी INDIA गठबंधन एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहा है और 2024 के लोकसभा चुनावों के साथ-साथ अलग-अलग मोर्चों पर एकजुट होकर BJP से मुकाबला करने की योजना बना रहा है। संसद के हालिया मानसून सत्र के दौरान भी इसने एकजुट होकर काम किया।
‘एक राष्ट्र, एक समाधान’ 2024 में BJP के कुशासन से छुटकारा पाना: खड़गे
देश में एक साथ चुनाव कराने पर सरकार के जोर देने के बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को कहा कि भारत के लोगों के पास 2024 के लिए ‘एक राष्ट्र, एक समाधान’ है और वो है BJP के ‘कुशासन’ से छुटकारा पाना।
X पर एक पोस्ट में खड़गे ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की व्यवहार्यता को परखने के लिए केंद्र की तरफ से बनाई गई उच्च स्तरीय समिति को एक ‘चाल’ करार दिया और आरोप लगाया कि मोदी सरकार धीरे-धीरे भारत में लोकतंत्र की जगह तानाशाही लाना चाहती है।
सरकार ने शनिवार को लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, नगर निकायों और पंचायतों के चुनाव साथ-साथ कराने की संभावना को परखने और सुझाव देने के लिए आठ सदस्यों वाली एक एक हाई लेवल कमेटी बनाने का नोटिफिकेशन जारी किया, जिसकी अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे।
इसके कुछ घंटों बाद लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, जो समिति में शामिल विपक्ष के इकलौते नेता हैं, ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर समिति का सदस्य बनने से इनकार किया।