केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) प्रमुख संजय कुमार मिश्रा (Sanjay Kumar Mishra) के कार्यकाल के बार-बार विस्तार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर "खुशी" जताने वाले विपक्षी नेताओं पर परोक्ष हमला बोला। उन्होंने कहा कि 'वे अलग-अलग कारणों से भ्रमित हो रहे हैं।' शाह ने बताया कि शीर्ष अदालत ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (संशोधन) अधिनियम, 2021 में संशोधन को बरकरार रखा है, जिसके तहत सरकार CBI और ED प्रमुखों को अधिकतम पांच साल का कार्यकाल दे सकती है।
उन्होंने कहा, "भ्रष्ट और कानून का गलत फायदा उठाने वालों पर कार्रवाई करने की ED की शक्तियां वही रहेंगी।" मंत्री ने जोर देकर कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन के अपराधों की जांच करने के लिए "किसी भी व्यक्ति से ऊपर उठती है और अपने मुख्य मकसद को हासिल करने पर ध्यान देती है।"
उन्होंने एक ट्वीट में कहा, "इस तरह, ED डायरेक्टर कौन है - ये जरूरी नहीं है, क्योंकि जो कोई भी इस भूमिका को संभालेगा, वह विकास विरोधी मानसिकता रखने वाले वंशवादियों के एक आरामदायक क्लब के बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार पर ध्यान देगा।"
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुख के रूप में भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी संजय कुमार मिश्रा को हर बार एक साल के लिए सेवा विस्तार देने वाली केंद्र के दो नोटिफिकेशन को "अवैध" करार दिया।
जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली तीन-जजों की बेंच ने कहा कि 2021 में सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश के मद्देनजर मिश्रा को नवंबर 2022 से आगे विस्तार नहीं दिया जा सकता था।
हालांकि, शीर्ष अदालत ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (संशोधन) अधिनियम, 2021 और दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (संशोधन) अधिनियम, 2021 के साथ-साथ मौलिक (संशोधन) नियम, 2021 में किए गए बदलावों को बरकरार रखा। जिसके तहत सरकार CBI और ED प्रमुखों को अधिकतम पांच साल का कार्यकाल दे सकती है।
विपक्ष ने फैसले का किया स्वागत
मामले में याचिकाकर्ताओं में से एक, तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने मिश्रा के सेवा विस्तार को अवैध करार देने के लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद दिया।
उन्होंने ट्वीट किया, “BJP - हम आपसे चुनाव में लड़ेंगे, हम आपसे अदालत में लड़ेंगे। हम खेतों और सड़कों पर लड़ेंगे, हम कभी आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।"
कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से कहती रही है कि ED डायरेक्टर के कार्यकाल का विस्तार "पूरी तरह से अवैध" है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी का रुख सही साबित हुआ है। सरकार आज बेनकाब हो गई है।"