Assembly Elections 2022: चुनाव आयोग (Election Commission -EC) ने पांच चुनावी राज्यों के लिए बड़ा ऐलान किया। आयोग ने इन राज्यों में नए राजनीतिक दलों के रजिस्ट्रेशन के लिए नोटिस पीरियड को 30 दिन से घटाकर सात दिन कर दिया है। आयोग ने यह फैसला कोविड-19 महामारी के चलते लगाए गई पाबंदियों की वजह से आ रही कठिनाइयों को देखते हुए लिया है।
मौजूदा गाइडलाइंस के तहत रजिस्ट्रेशन कराने वाली पार्टी को गठन की तारीख से 30 दिन के भीतर आयोग को एप्लीकेशन जमा करना होता है। आवेदक (applicant) से पार्टी के प्रस्तावित नाम को दो दिन दो राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों और दो स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित कराने के लिए कहा जाता है।
पार्टी के प्रस्तावित रजिस्ट्रेशन को लेकर अगर कोई आपत्ति होती है तो उसे नोटिस के प्रकाशन के दिन से 30 दिन के भीतर दाखिल करना होता है। आयोग ने एक बयान में कहा कि कोविड-19 महामारी के पाबंदियों के चलते रजिस्ट्रेशन के लिए एप्लीकेशन में देरी और गड़बड़ी देखने को मिली हैं। इसकी वजह से राजनीतिक दल के रजिस्ट्रेशन में देरी हो रही है।
आयोग ने कहा कि सभी पक्षों पर गौर करने के बाद आयोग ने राहत देते हुए नोटिस पीरियड को 30 दिन से घटाकर 07 दिन करने का फैसला लिया है। यह फैसला उन पार्टियों के लिए लागू होगा जो अपना सार्वजनिक नोटिस 08 जनवरी या इससे पहले प्रकाशित कर चुकी हैं। अगर किसी प्रकार की आपत्ति है तो वह 21 जनवरी की शाम 5.30 बजे तक या मूल रूप से मुहैया कराए गए 30 दिन की अवधि के अंदर, इनमें से जो भी पहले हो, दाखिल की जा सकती है। बयान में कहा गया है कि बिहार, असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान भी आयोग ने महामारी के चलते नोटिस अवधि में छूट दी थी।
बता दें कि चुनाव आयोग ने 8 जनवरी को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में विधान सभा चुनावों के कार्यक्रम का ऐलान किया था।