BJP का कांग्रेस (Congress) पर हमला जारी है। उसने मंगलवार को कांग्रेस फाइल्स (Congress Files) की तीसरी किस्त जारी की। बीजेपी ने सोमवार को कांग्रेस फाइल्स की दूसरी किस्त जारी की थी। दूसरी किस्त में पेंटिंग के नाम पर कथित जबरन वसूली (Extortion) और पद्मभूषण के वादे के बारे में बताया गया था। तीसरी किस्त में 2012 के कोयला ब्लॉक एलॉटमेंट स्कैम को केंद्र में रखा गया है। इसमें कथित कोल स्कैम के लिए यूपीए सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया है। अगले साल लोकसभा चुनावों से पहले पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप और प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।
कांग्रेस फाइल्स में क्या है?
बीजेपी ने वीडियो मैसेज में कहा है, "जब मनमोहन सिंह दूसरी बार प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने कई वादे किए। लेकिन, तब कांग्रेस के घोटालों की खबरें लगातार सुर्खियों में बनी हुई थीं।" इसमें कहा गया है कि घोटाले की वजह से देश को 1,86,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
इस वीडियो में कहा गया है, "इस घोटाले का सबसे मजेदार हिस्सा 2004 से 2009 के बीच था। तब कोयला मंत्रालय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और शिबू सोरेन के तहत था। यह वही प्रधानमंत्री थे जो रिमोट कंट्रोल से संचालित होते थे।" इस तरह बीजेपी ने सीधे तौर पर कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधा है।
एमएफ हुसैन पेंटिंग मामला क्या है?
कांग्रेस फाइल्स की दूसरी किस्त में FATF रिपोर्ट का उल्लेख है। इसमें बीजेपी ने यस बैंक के पूर्व सीईओ राणा कपूर के बयान का जिक्र किया है। कपूर ने ED को दिए बयान में दावा किया था कि उन्हें प्रियंका गांधी से एमएफ हुसैन की एक पेंटिंग 2 करोड़ रुपये में खरीदने के लिए मजबूर किया गया था। बदले में उन्हें पद्म भूषण देने का वादा किया गया था। यह देश के सबसे बड़े सम्मान में से एक है।
कपूर ने क्या दावा किया था?
इस वीडियो में राणा कपूर को यह कहते हुए दिखाया गया है कि मजबूर होकर उन्होंने पेंटिंग खरीदने के लिए प्रियंका गांधी को चिट्ठी लिखी। उन्होंने यह भी दावा किया है कि इस पैसे का इस्तेमाल सोनिया गांधी के इलाज के लिए किया गया। बीजेपी के वीडियो में एक केस स्टडी की बात कही गई है, जिसका मकसद यह बताना है कि गांधी परिवार किस कदर भ्रष्टाचार में डूबा हुआ था। इसके लिए सबूत के रूप में FATF की जानकारियों का हवाला दिया गया है।
कांग्रेस ने क्या सफाई दी है?
उधर, कांग्रेस ने इन आरोपों को झूठा बताया है। उसने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए राणा कपूर और ED की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं।