झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के विधायक दल के नेता चंपई सोरेन (Champai Soren) ने झारखंड के मुख्यमंत्री पद (12th Chief Minister of Jharkhand) की शपथ ले ली है। इससे पहले राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन ने उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त किया था। चंपई सोरेन को राज्यपाल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री नियुक्त किया था। उससे पहले चंपई सोरेन ने राज्यपाल से जल्द से जल्द सरकार बनाने के उनके दावे को स्वीकार करने का आग्रह किया था, क्योंकि राज्य में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी और प्रदेश में कोई मुख्यमंत्री नहीं था।
यह स्थिति 31 जनवरी को हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद से राज्य में मुख्यमंत्री न होने की वजह से थी और इसके कारण राजनीतिक संकट गहरा गया था। चंपई सोरेन के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलमगीर आलम (Alamgir Alam) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सत्यानंद भोक्ता (Satyanand Bhokta) भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली।
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख राजेश ठाकुर ने कहा कि चंपई सोरेन को अपनी सरकार का बहुमत साबित करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। कांग्रेस और RJD राज्य में JMM की अगुवाई वाली महागठबंधन की सहयोगी पार्टी है। इससे पहले चंपई सोरेन ने कहा था, "हम एकजुट हैं। हमारा गठबंधन मजबूत है, इसे कोई तोड़ नहीं सकता।"
67 वर्षीय आदिवासी नेता चंपई सोरेन राज्य के 12वें मुख्यमंत्री होंगे। वह झारखंड के कोल्हान क्षेत्र से छठे मुख्यमंत्री होंगे। कोल्हान क्षेत्र में पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले हैं। झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन के पास 47 विधायक हैं।
इनमें JMM के 29, कांग्रेस के 17 और RJD के 1 सदस्य शामिल हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 26 और आजसू पार्टी के तीन विधायक हैं। इसके अलावा दो सदस्य निर्दलीय हैं और राकांपा तथा भाकपा (माले) के एक-एक विधायक हैं।